राजस्थान पुलिस को मिला स्मार्ट पुलिसिंग के लिए नया तकनीकी सहारा

जयपुर, अगस्त 19: राजस्थान पुलिस डिजिटल युग में साइबर चुनौतियों का सामना करने के लिए अपनी तकनीकी क्षमताओं को सुधारने पर काम कर रही है। इस प्रयास के तहत, कोटा सिटी पुलिस और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) कोटा द्वारा ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा आधारित स्मार्ट पुलिसिंग’ पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 17 से 19 अगस्त तक चला और इसका संचालन कोटा रेंज के आईजी हरेंद्र महावर के मार्गदर्शन में और कोटा सिटी पुलिस आयुक्त श्रीमती तेजस्विनी गौतम (आईपीएस) की पहल पर किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा, साइबर अपराध जांच और OSINT जैसी आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित करना था। यह प्रशिक्षण पुलिस को बदलते डिजिटल अपराधों का अधिक प्रभावी और वैज्ञानिक तरीके से सामना करने में मदद करेगा।
75 पुलिसकर्मियों को मिले प्रमाण पत्र
समापन समारोह के दौरान मुख्य अतिथि एडीजी वी.के. सिंह ने कोटा सिटी और कोटा रेंज के 75 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए, जिन्होंने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया।
एडीजी वी.के. सिंह ने आईजी हरेंद्र महावर की तकनीकी दृष्टिकोण और एसपी तेजस्विनी गौतम की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग को आधुनिक तकनीक से जोड़ना वर्तमान समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि AI, साइबर सुरक्षा और OSINT में व्यावहारिक प्रशिक्षण से पुलिस की जांच और अपराध नियंत्रण क्षमताओं में सुधार होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि कोटा सिटी पुलिस और IIIT कोटा के संयुक्त प्रयास ने पुलिस कर्मियों को उन्नत तकनीकों को समझने और पुलिस कार्य में उनका उपयोग करने का अवसर प्रदान किया। यह पहल स्मार्ट, तकनीक आधारित और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
प्रशिक्षण 17 अगस्त से शुरू हुआ
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन 17 अगस्त को राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा द्वारा किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान पुलिस कर्मियों को साइबर अपराध जांच, डिजिटल साक्ष्यों का उपयोग, AI आधारित तकनीकी उपकरणों और OSINT के माध्यम से डिजिटल जानकारी के विश्लेषण के बारे में जानकारी दी गई।
पुलिस और IIIT कोटा का सहयोग
IIIT कोटा के पाठ्यक्रम समन्वयक प्रोफेसर ज्ञान सिंह और उनकी टीम ने कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आयोजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस और शैक्षणिक तथा तकनीकी संस्थान के बीच का यह संयुक्त प्रयास पुलिस कर्मियों को आधुनिक तकनीक की व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर प्रदान करता है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राजस्थान पुलिस में स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। तकनीकी कौशल, डेटा आधारित पुलिसिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती तकनीकों का उपयोग अपराध जांच को मजबूत करने और नागरिकों को सुरक्षित, तेज और अधिक प्रभावी पुलिस सेवाएं प्रदान करने की उम्मीद है।



