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Thursday, 29 October 2026
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आईआईटी के सहयाेग से पढ़ रहे लाेधर गांव के शत प्रतिशत बच्चे : जिलाधिकारी

विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान मेले के दौरान बच्चों से जानकारी लेते जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह व अन्य

कानपुर, 13 दिसंबर (Udaipur Kiran) । स्वामी विवेकानंद विद्यालय, लोधर, मंधना, कानपुर एवं अपना स्कूल (जागृति बाल विकास समिति द्वारा संचालित) के संयुक्त तत्वावधान में विद्यालय प्रांगण में विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान मेले का भव्य आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने दीप प्रज्वलित कर विज्ञान मेले का शुभारंभ किया।

उन्होंने कहा कि विद्यालय के प्राचार्य एवं समस्त अध्यापकगण जिस निष्ठा, समर्पण एवं सेवा भाव से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में लगे हुए हैं, वह वास्तव में सच्ची ईश्वर सेवा है। बच्चों के उत्तम खान-पान, संस्कार एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है तथा इस दिशा में विद्यालय द्वारा किया जा रहा कार्य प्रशंसनीय एवं अनुकरणीय है।

इसके उपरांत जिलाधिकारी ने विज्ञान कक्ष, सामाजिक विज्ञान कक्ष एवं कंप्यूटर कक्ष का निरीक्षण किया तथा विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रोचक, ज्ञानवर्धक एवं नवाचारपूर्ण मॉडलों की सराहना की।

उल्लेखनीय है कि इस विद्यालय के संचालन एवं समन्वय में आईआईटी से जुड़े विशेषज्ञों का सहयोग प्राप्त हो रहा है, जो इसे एक आदर्श मॉडल विद्यालय के रूप में स्थापित करता है। यदि आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े लोग समाज के विकास से सक्रिय रूप से जुड़ते हैं, तो इससे देश के समग्र विकास को नई दिशा मिल सकती है।

विद्यालय संचालन में आईआईटी से डॉ. माधव रंगनाथन, प्रवाल मोहंती एवं विजया रामचंद्रन द्वारा सहयोग प्रदान किया जा रहा है। उनके प्रयासों से गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है।

इस विद्यालय में बच्चों से मात्र सौ रुपये शुल्क लिया जाता है, जिसे विद्यालय प्रबंधन द्वारा पूरी तरह बच्चों के पोषक एवं संतुलित खान-पान पर व्यय करता है। विद्यालय द्वारा गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जो समाज के विकास के सफल समन्वयन का एक प्रेरणादायी मॉडल प्रस्तुत करता है। उन्हें दिलचस्प शिक्षा देकर समाज के सामने लाने की कोशिश की गई। इस विद्यालय में टीचरों और वॉलंटियर्स की मेहनत से बच्चे पढ़ाई में दिलचस्पी लेने लगे और बच्चों का नज़रिया बदला, उन्होंने जागरूकता के बारे में सोचा। आज लोधर के 100 प्रतिशत लड़के-लड़कियां पढ़ रहे हैं। इस स्कूल के पढ़ाने के तरीके से प्रभावित होकर, बच्चे दूर-दराज के गाँवों से पैदल आ रहे हैं, जो लगभग पांच से छह किलोमीटर दूर हैं। वर्तमान समय में विद्यालय में लगभग 300 बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

(Udaipur Kiran) / रोहित कश्यप

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