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Tuesday, 27 October 2026
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निवेश धोखाधड़ी से रहें सावधान: साइबर ठग उच्च रिटर्न और डीपफेक वीडियो से लगा रहे चूना

पुलिस की एडवाइजरी जारी: अनजान लिंक पर निवेश न करें, तुरंत 1930 पर करें शिकायत

जयपुर, 1 अक्टूबर (Udaipur Kiran News). साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच अब ठग नए-नए तरीकों से निवेशकों को निशाना बना रहे हैं. कम समय में दोगुना मुनाफा और उच्च रिटर्न का लालच देकर ये अपराधी भोले-भाले नागरिकों से लाखों रुपये की ठगी कर रहे हैं. Rajasthan पुलिस ने नागरिकों को ऐसे जालसाजों से सतर्क रहने की सलाह देते हुए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है.

Cyber fraud alert

सोशल मीडिया और नकली वेबसाइटों के जरिए ठगी
उपमहानिरीक्षक (DIG) साइबर क्राइम विकास शर्मा ने बताया कि साइबर ठग व्हाट्सऐप ग्रुप, टेलीग्राम चैनल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और नकली वेबसाइटों के माध्यम से लोगों को फंसाते हैं. वे प्रसिद्ध व्यक्तियों के चेहरे या नाम का उपयोग करते हुए डीपफेक वीडियो बनाते हैं और निवेश योजनाओं में पैसा लगाने का झांसा देते हैं.

साइबर ठगों की मुख्य चालें:

  1. उच्च रिटर्न का लालच: कम समय में दोगुना या बहुत अधिक लाभ का वादा.

  2. नकली वेबसाइट/एप: असली कंपनियों जैसी दिखने वाली वेबसाइट बनाकर निवेश करवाना.

  3. सोशल मीडिया प्रचार: व्हाट्सऐप और टेलीग्राम पर आकर्षक लिंक भेजना.

  4. डीपफेक वीडियो: प्रसिद्ध व्यक्तियों के नाम से झूठे प्रमोशनल वीडियो.

  5. तात्कालिक दबाव: “अभी भुगतान न किया तो अवसर छूट जाएगा” जैसी धमकियाँ.

  6. छोटे लाभ का लालच: शुरुआत में छोटे लाभ दिखाकर भरोसा जीतना.

  7. निरंतर संपर्क: कॉल और चैट के जरिए भरोसा बढ़ाना.

नकली वेबसाइट/एप की पहचान के संकेत:

  • स्क्रीन पर तेजी से बढ़ता लाभ, लेकिन पैसे निकालने में दिक्कत.

  • नकली रियल-टाइम ग्राफ और फर्जी ट्रांजेक्शन आईडी.

  • वेबसाइट पर नियामक लाइसेंस की जानकारी का अभाव.

  • लगातार बोनस या ऑफर दिखाकर भ्रमित करना.

महत्वपूर्ण जांच संकेत:
यदि कोई Indian नंबर से संपर्क करता है, तो उस पर कॉल करके जांच करें. यदि नंबर बंद हो या स्विच ऑफ मिले, तो यह साइबर अपराधी का संकेत हो सकता है. ऐसे में कोई भुगतान न करें और तुरंत शिकायत दर्ज कराएं.

नागरिकों के लिए सुझाव:

  1. किसी भी अनजान लिंक या एप पर निवेश न करें.

  2. केवल सरकारी या अधिकृत वेबसाइट/एप से ही जानकारी प्राप्त करें.

  3. किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले परिवार या विशेषज्ञ से परामर्श लें.

  4. धोखाधड़ी की स्थिति में स्क्रीनशॉट, भुगतान आईडी और कॉल-लॉग सुरक्षित रखें.

शिकायत दर्ज करने के माध्यम:

  • साइबर हेल्पलाइन नंबर: 1930

  • सहायता नंबर: 92560-01930, 92575-110100

  • ऑनलाइन पोर्टल: https://cybercrime.gov.in

  • निकटतम Police Station या साइबर पुलिस स्टेशन

डीआईजी शर्मा ने कहा कि “जल्दी अमीर बनने” का सपना दिखाने वाली योजनाएँ प्रायः धोखाधड़ी होती हैं. नागरिकों को सतर्क रहकर अपनी मेहनत की कमाई सुरक्षित रखनी चाहिए.

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