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Friday, 30 October 2026
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JHARKHAND

बसों में क्षमता से अधिक मजदूर पलायन को विवश, प्रशासन बेसूध

सों में सवार होती महिला व किशोरी मजदूर

दुमका, 22 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) । उपराजधानी दुमका से मजदूरों का पलायन कम होने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासन के लाख प्रयासों के बावजूद बसों से भेड़-बकरी के तरह मजदूर रोजी-रोटी की तलाश में पलायन को विवश हैं। हाल में ही ऐसा मामला हंसडीहा थाना क्षेत्र में प्रकाश में आया। जहां केरल नंबर की प्राईवेट बसों से क्षमता से अधिक मजदूरों को ठूंस स्थानीय सफेदपोश बिचौलियाें ने कमीशनखोरी कर भेजा जा रहा था। मामला प्रकाश में आने के बाद परिवहन विभाग ने पकड़ाए एक बस को करीब एक लाख का जुर्माना किया।

वहीं श्रम विभाग ने मजदूरों का रजिस्ट्रेशन कराने की प्रक्रिया शुरू की, जबकि कोरानाकाल से ही यह कारोबार फल-फूल रहा है। शुरूआत में एक दो बसें माह में एक दो खेप मजदूरों को केरल ले जाया करती थीं। लेकिन अब प्रत्येक माह के हर बुधवार को चार-चार बसों पर दर्जनों महिलाएं, किशोरी और पुरूषों को क्षमता से अधिक जानवरों की तरह लाद कर ले जाया जा रहा है।

इधर, मामले को लेकर श्रम विभाग और जिला प्रशासन इक्का-दुक्का कार्रवाई कर खानापूर्ति पल्ला झाड़ ले रहा है।

उल्‍लेखनीय है कि 35 सीटों वाले बसों में 50 से 60 मजदूरों को केरल ले जाया जा रहा है। रोजगार की तलाश में जा रहे प्रवासी मजदूरों का नियमित पंजीयन भी नहीं हो पा रही है।

कमीशनखोर कर रहे मजदूरों की तस्‍करी

मजदूरों की तस्करी का यह खेल कमीशनखोरी को लेकर चल रहा है। प्रत्येक मजदूर पर सफेदपोश बिचौलिया को 500 रूपये का कमीशन मिलता है। वहीं प्रत्येक मजदूरों से 3 हजार की राशि वसूली जाती है। जहां केरल पहुंचने पर पैसे लेकर ठेकेदारों को सौंप दिया जाता है। इसके बाद केरल सहित आस-पास के राज्य और जिलों में मजदूरों को मनमाने तरीके काम कराया जाता है और उचित पारिश्रमिक भी नहीं मिलता है जो बाद में प्रताड़ना का शिकार होने पर सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों की सुर्खिया बनी रहती है।

उल्‍लेखनीय है कि कोराना काल के बाद अब ये बड़े पैमाने पर कारोबार की तरह फैलता जा रहा है।

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(Udaipur Kiran) / नीरज कुमार

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