एकीकृत हाईकोर्ट की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन

जोधपुर, 19 दिसम्बर (Udaipur Kiran) । राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन एवं राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में एकीकृत हाईकोर्ट की मांग को लेकर पिछले 48 वर्षों से चल रहा आंदोलन आज भी जारी रहा। आंदोलन की परंपरा के तहत माह के अंतिम कार्य दिवस पर अधिवक्ताओं ने स्वैच्छिक रूप से न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया। हालांकि इस दौरान कुछ ऐसे घटनाक्रम सामने आए, जिनसे अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि आंदोलन को कमजोर करने के उद्देश्य से कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा के निर्देश पर अंतिम कार्य दिवस को बड़ी संख्या में मामलों को सूचीबद्ध किया गया। कई ऐसे प्रकरण, जिनकी सुनवाई जनवरी माह में निर्धारित थी, उन्हें बिना कारण आज के दिन सूचीबद्ध कर दिया गया। इसके चलते अधिवक्ताओं में नाराजगी फैल गई और हाईकोर्ट के कॉरिडोर में जमकर नारेबाजी की गई।
राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष आनंद पुरोहित ने आरोप लगाया कि कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जोधपुर के अधिवक्ताओं की वर्षों पुरानी परंपरा को समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। एकीकृत हाईकोर्ट की मांग को लेकर अंतिम कार्य दिवस पर न्यायिक कार्य बहिष्कार की परंपरा पिछले 48 वर्षों से चली आ रही है, लेकिन इसे खत्म करने के लिए बार-बार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिवक्ताओं की एकजुटता को तोडऩे का प्रयास किया जा रहा है।
पुरोहित ने भारत सरकार से मांग की है कि कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश शर्मा का तत्काल प्रभाव से राजस्थान से अन्य हाईकोर्ट में स्थानांतरण किया जाए। नवनिर्वाचित अध्यक्ष दिलीप सिंह उदावत ने कहा कि जोधपुर के अधिवक्ता जयपुर पीठ के विरोध एवं एकीकृत हाईकोर्ट की मांग को लेकर लंबे समय से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन देर रात कॉज लिस्ट जारी कर जमानत याचिकाओं सहित बड़ी संख्या में मामलों को सूचीबद्ध करना गलत है।
यह स्पष्ट रूप से आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास है, जिसे जोधपुर का वकील समुदाय कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। वहीं नवनिर्वाचित महासचिव अरुण कुमार ने बताया कि देर रात जारी की गई कॉज लिस्ट में लगभग 1500 मामलों को सूचीबद्ध किया गया, जो पूरी तरह अनुचित है।
(Udaipur Kiran) / सतीश



