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Friday, 30 October 2026
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उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना को लेकर अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन

प्रदर्शन करते अधिवक्ता

भागलपुर, 3 दिसंबर (Udaipur Kiran) । भागलपुर में उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना की मांग को लेकर बुधवार को भागलपुर व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ता सड़कों पर उतर आए। लंबे समय से लंबित इस मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने शहर में व्यापक मार्च निकाला और न्यायिक ढांचे को मजबूत करने की अपील की।

अधिवक्ताओं का यह जुलूस कचहरी परिसर से निकल कर समाहरणालय परिसर, मनाली चौक, तिलकामांझी चौक होते हुए वापस पुलिस लाइन मार्ग से कोर्ट परिसर पहुंचा। पूरे रास्ते में अधिवक्ता न्यायिक सुविधा बढ़ाने की मांग को लेकर नारेबाजी करते रहे। जुलूस में बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।

वरिष्ठ अधिवक्ता प्रेमनाथ ओझा ने बताया कि भागलपुर का ऐतिहासिक महत्व और न्यायिक दायरा काफी बड़ा रहा है। एक दौर था जब दार्जिलिंग तक हमारा क्षेत्राधिकार हुआ करता था। बंगाल के कई हिस्से भी हमारे न्यायिक अधिकार क्षेत्र में शामिल थे। लेकिन समय के साथ क्षेत्र विभाजन हुआ, बांका अलग जिले के रूप में विकसित हुआ, नवगछिया में न्यायालय का ढांचा तैयार हो रहा है और कहलगांव अनुमंडल में भी न्यायिक इकाइयाँ स्थापित की जा रही हैं। इन बदलावों के कारण न्यायिक गतिविधियां विभिन्न हिस्सों में बंटने लगी हैं और भागलपुर का केंद्रीय न्यायिक महत्व लगातार कम होता जा रहा है। इसी कारण अधिवक्ताओं की यह पुरानी मांग है कि भागलपुर में उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना की जाए, ताकि न सिर्फ न्यायिक सुविधा बढ़े बल्कि क्षेत्र के लाखों लोगों को शीघ्र और सुलभ न्याय उपलब्ध हो सके।

मार्च में शामिल वकीलों ने कहा कि भागलपुर की भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, केस लोड और ऐतिहासिक न्यायिक आधार को देखते हुए खंडपीठ की स्थापना पूरी तरह से न्यायोचित है। पटना तक बार-बार जाना लोगों के लिए महंगा पड़ता है और समय भी अधिक लगता है, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है।

अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांग पर जल्द निर्णय नहीं लेती है, तो आने वाले समय में आंदोलन तेज किया जाएगा।

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(Udaipur Kiran) / बिजय शंकर

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