अनूपपुर: शादी का आश्वासन देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी की जमानत याचिका निरस्त

फाईल

अनूपपुर, 12 दिसंबर (Udaipur Kiran) . Madhya Pradesh के अनूपपुर जिले की जिला के विशेष न्यायाधीश माया विश्वलाल (एसटीएससी एक्ट) की न्यायालय ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोपी मो. इस्तयाक मंसूरी की जमानत याचिका को निरस्त कर दिया हैं. ज्ञात हो कि आरोपी वर्तमान में जिला जेल अनूपपुर में है.

लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि आरोपी 20 वर्षीय मो. इस्तयाक मंसूरी पुत्र मो. मुस्ताक निवासी ग्राम रघुनाथगंज, जिला रीवा, हाल निवास-वार्ड नंबर 03, अनूपपुर ने पीड़िता से जान पहचान की पीडिता और 02 अक्टूबर 2025 को उसे मंदिर घुमाने के लिये बोलकर राजेन्द्रग्राम बुलाया. वहां से बस में बैठाकर पहले इन्दौर एवं इन्दौर से पानीपत ले गया, जहां किराये के कमरे में दोनों रहते हुए पीड़िता को शादी की बात कहकर शारीरिक संबंध बनाया तथा बाद में शहडोल लाकर पीड़िता को शादी नहीं करने की बात कहकर छोड़कर भाग गया. जिससे व्यथित होकर पीड़िता ने थाना कोतवाली अनूपपुर में रिपोर्ट लिखवाई. जिस पर थाना कोतवाली अनूपपुर द्वारा अपराध Indian न्याय संहीता की धारा 69 एंव अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(2)(अ) में पंजीकृत किया कर आरेापी को गिरफ्तार किया गया.

आरेापी ने विशेष न्यायाधीश माया विश्वलाल (एसटीएससी एक्ट) के न्यायालय में जमानत पर छोड़े जाने हेतु याचिका दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए और शासन की ओर से पैरवी कर रहे लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा द्वारा रखे गए तर्कों और बहस तथा मामले की गम्भीरता एवं परिस्थितियों को देखते हुए दुष्कर्म के आरोपी मो0 इस्तयाक मंसूरी की जमानत याचिका को निरस्त कर दिया गया.

(Udaipur Kiran) / राजेश शुक्ला

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