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Thursday, 29 October 2026
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‘मनी गेम’ पर प्रतिबंध से जुड़ा विधेयक संसद से पारित

नई दिल्ली, 21 अगस्त (Kiran News)। राज्यसभा ने शुक्रवार को बिना चर्चा के ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। ‘ऑनलाइन खेल संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025’ को लोकसभा ने गुरुवार को ही पारित कर दिया था। इसके साथ ही अब इसे संसद की मंजूरी मिल गई है। यह विधेयक जहां एक ओर ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स को बढ़ावा देता है, वहीं सट्टेबाजी और जुए जैसे ‘मनी गेम’ को प्रतिबंधित करता है।

संसद

राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि समाज में समय-समय पर कुरीतियां आती हैं और सरकार तथा संसद को इससे निपटने में अपनी भूमिका निभानी होती है। मनी गेम अब ड्रग्स जैसी गंभीर समस्या बन गई है, जिसे सरकार कानून के माध्यम से रोकने का प्रयास कर रही है। उन्होंने समाज, मीडिया और विपक्ष से अपील की कि वे युवाओं को इस लत से बाहर निकालने में मदद करें।

मंत्री वैष्णव ने ऑनलाइन गेमिंग के नकारात्मक पहलुओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मोदी सरकार समाज कल्याण को राजस्व से अधिक प्राथमिकता देती है। इसी कारण इस विधेयक में ‘मनी गेम’ पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। एक अनुमान के मुताबिक, देश में 45 करोड़ लोगों ने 20 हजार करोड़ रुपये इन खेलों में गंवाए हैं। डब्ल्यूएचओ ने भी इसे एक विकार के रूप में माना है।

मंत्री ने कई मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए बताया कि ऑनलाइन मनी गेम्स के पीछे ताकतवर लोग हैं और कोर्ट में इसे चुनौती भी दी जाएगी। मीडिया व सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने की बात भी उन्होंने कही। उन्होंने कहा, “जब भी मध्यम वर्ग और युवाओं के हित की बात आती है, मोदीजी ने हमेशा उनके पक्ष को प्राथमिकता दी है।”

विधेयक की मुख्य बातें:

  • विधेयक के तहत ई-स्पोर्ट्स को वैध खेल की मान्यता दी गई है। युवा मामले और खेल मंत्रालय इसके लिए दिशा-निर्देश तैयार करेगा।

  • प्रशिक्षण केंद्र, शोध संस्थान और प्रौद्योगिकी मंच स्थापित किए जाएंगे। प्रोत्साहन योजनाएं और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे ताकि ई-स्पोर्ट्स को राष्ट्रीय खेल नीति में शामिल किया जा सके।

  • केंद्र सरकार को सामाजिक और शैक्षिक खेलों के लिए मान्यता, वर्गीकरण और पंजीकरण की शक्ति दी गई है। इन खेलों के लिए सुरक्षित प्लेटफॉर्म विकसित किए जाएंगे। इन्हें सांस्कृतिक और शैक्षिक मूल्यों से जोड़कर कौशल विकास व डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा दिया जाएगा।

  • विधेयक में ऑनलाइन मनी गेम्स पर पूर्ण प्रतिबंध का प्रावधान है। इसमें कौशल-आधारित, भाग्य-आधारित या मिश्रित सभी प्रकार के धन-आधारित खेल शामिल हैं। इनके प्रचार, विज्ञापन और वित्तीय लेन-देन को अवैध घोषित किया गया है। बैंक और भुगतान प्रणाली को भी ऐसे लेन-देन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

  • केंद्र सरकार एक राष्ट्रीय ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण स्थापित करेगी, जो खेलों का पंजीकरण, श्रेणीकरण और शिकायतों का निवारण करेगा। यह तय करेगा कि कौन सा खेल मनी गेम की श्रेणी में आता है या नहीं।

  • अपराध और दंड के प्रावधानों के अनुसार, ऑनलाइन मनी गेमिंग की पेशकश पर तीन साल तक की कैद और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। विज्ञापन करने पर दो साल की कैद और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना निर्धारित है। बार-बार अपराध करने पर सजा और अधिक कड़ी होगी।

  • सरकार को जांच और प्रवर्तन की शक्तियां दी गई हैं। अधिकृत अधिकारी अपराध से संबंधित डिजिटल या भौतिक संपत्ति जब्त कर सकते हैं और गंभीर मामलों में बिना वारंट गिरफ्तारी कर सकते हैं।

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