Skip to content
Wednesday, 28 October 2026
BREAKING
HEADLINES

BREAKING: GST की अब दो ही दरें 5% और 18%, नई दरें 22 सितंबर से लागू होंगी

नई दिल्ली, 3 सितंबर (Kiran News): GST काउंसिल की 56वीं बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। परिषद ने 12% और 28% टैक्स स्लैब हटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब देश में सिर्फ दो दरें 5% और 18% ही लागू होंगी। इसके अलावा लग्जरी आइटम्स पर 40% GST लगाया जाएगा। नई दरें 22 सितंबर से लागू होंगी।

GST Council Merges Slabs

यह जानकारी बैठक से बाहर आकर बिहार के वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने दी। वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण थोड़ी देर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सभी फैसलों की आधिकारिक घोषणा करेंगी। दो दिन (3-4 सितंबर) तक चलने वाली यह बैठक एक ही दिन में समाप्त हो गई।

GST काउंसिल की बैठक के प्रमुख फैसले

  • कपड़े और जूते होंगे सस्ते: 2,500 रुपए तक के जूते और कपड़ों पर GST दर घटाकर 5% की जा सकती है।

  • MSMEs और स्टार्टअप्स को राहत: रजिस्ट्रेशन समय घटाकर अब सिर्फ 3 दिन कर दिया गया।

  • निर्यातकों को फायदा: अब GST रिफंड ऑटोमेटिक मिलेगा।

  • स्वास्थ्य बीमा और जीवन रक्षक दवाएं सस्ती: बीमा प्रीमियम पर टैक्स कम करने का प्रस्ताव मंजूर।

  • ऑटोमेटिक रिटर्न फाइलिंग: नियमों का पालन आसान बनाने के लिए नया सिस्टम आएगा।

  • लग्जरी EVs महंगी होंगी: 20 लाख रुपए से अधिक कीमत वाली इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर GST 5% से बढ़ाकर 18% किया जा सकता है।

कंपनियों पर नजर, उपभोक्ताओं को फायदा

विपक्षी राज्यों ने मीटिंग में कहा कि टैक्स कटौती का पूरा लाभ सीधे ग्राहकों तक पहुंचना चाहिए, न कि कंपनियों की मुनाफाखोरी में। साथ ही, उन्होंने नए टैक्स ढांचे से राज्यों को होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए साफ मुआवजा योजना बनाने की मांग की।

175 आइटम्स पर दरें घट सकती हैं

सूत्रों के मुताबिक, करीब 175 आइटम्स पर GST दरों में कटौती संभव है। इनमें फूड इंग्रेडिएंट्स, स्नैक्स, बादाम, रेडी-टू-ईट आइटम्स, घी, मक्खन, अचार, चटनी, ऑटोमोबाइल, ट्रैक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, AC और फ्रिज शामिल हैं।

अगर ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) का यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो औसत GST दर 11.5% से घटकर 10% से नीचे आ सकती है।

सरकार की रणनीति

केंद्र सरकार का उद्देश्य नवरात्रि और फेस्टिव सीजन से पहले डिमांड और बिक्री को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही राज्यों के राजस्व घाटे से जुड़ी चिंताओं को दूर करने पर भी काम किया जा रहा है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *