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Wednesday, 28 October 2026
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बर्फ के बिना गुलमर्ग को नहीं बेच सकते, मुख्यमंत्री उमर ने कश्मीर पर्यटन पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव पर प्रकाश डाला

बर्फ के बिना गुलमर्ग को नहीं बेच सकते: मुख्यमंत्री उमर ने

श्रीनगर, 17 दिसंबर(Udaipur Kiran) । जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि सरकार बर्फ के बिना गुलमर्ग को नहीं बेच सकती और कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र, खासकर शीतकालीन स्थलों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एटीओएआई) के 17वें वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन पर यह टिप्पणी की।

उमर ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि रोमांच की भावना का जश्न मनाने वाले कार्यक्रम का हिस्सा बनना उनके लिए घर वापसी थी।

गर्म हवा के गुब्बारे में चढ़ने से लेकर शिखर का हिस्सा बनने की विनम्र भावना तक के अपने साहसिक अनुभवों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि किसी को शीर्ष पर महसूस करने के लिए एवरेस्ट को छूने की ज़रूरत नहीं है।

उन्होंने कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र, विशेषकर गुलमर्ग जैसे शीतकालीन स्थलों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को रेखांकित किया। अगर मेरे पास बर्फ नहीं है, तो मैं गुलमर्ग नहीं बेच सकता।

जलवायु परिवर्तन की वास्तविकता को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हम देख रहे हैं कि ग्लेशियर घट रहे हैं बर्फबारी कम हो रही है ये ऐसे तथ्य हैं जिनका हमें सामना करना चाहिए।

सीएम ने उद्योग से स्कीइंग और शीतकालीन पर्यटन को बनाए रखने के लिए कृत्रिम बर्फ बनाने और नई प्रौद्योगिकियों का पता लगाने का भी आग्रह किया।

उन्होंने पहलगाम हमले मौसम और दिल्ली विस्फोट की घटनाओं का हवाला देते हुए यह भी स्वीकार किया कि जम्मू और कश्मीर में पर्यटन क्षेत्र ने एक चुनौतीपूर्ण वर्ष का सामना किया है, जिससे यात्रा प्रवाह बाधित हुआ। उन्होंने कहा कि केवल पर्यटन उद्योग से जुड़े लोग ही समझते हैं कि ऐसे समय में उबरना कितना कठिन है। उन्होंने कहा कि सरकार ऑपरेटरों का समर्थन करने और सुरक्षित पर्यटन अनुभव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने जम्मू-कश्मीर को साल भर चलने वाला साहसिक गंतव्य बनाने के लिए पैराग्लाइडिंग और हॉट-एयर बैलूनिंग से लेकर नए प्रशिक्षण कार्यक्रमों तक साहसिक पेशकशों में विविधता लाने का भी आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि साहसिक पर्यटन की दुनिया तेजी से बढ़ रही है। हम चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर जिम्मेदारीपूर्वक, सुरक्षित और स्थायी रूप से उस वैश्विक विकास की कहानी का हिस्सा बने।

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(Udaipur Kiran) / राधा पंडिता

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