
पटना, 04 दिसंबर (Udaipur Kiran) . अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) के अध्यक्ष और वरिष्ठ Indian प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा सामाजिक समुदाय की एक बेटी को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. यह विवाद अब Bihar विधानसभा तक पहुंच गया है. शीतकालीन सत्र के चौथे दिन लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक और विधानमंडल दल के नेता राजू तिवारी ने यह मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया.
सदन में अपनी बात रखते हुए राजू तिवारी ने कहा कि एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी द्वारा किसी भी समुदाय की बेटी पर अभद्र टिप्पणी करना न केवल समाजिक मान्यताओं के खिलाफ है, बल्कि यह उनके संवैधानिक पद की गरिमा पर भी प्रश्न खड़ा करता है. उन्होंने सरकार से तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग की.
उन्होंने कहा, “मैं ब्राह्मण समाज से आता हूं, लेकिन यह मुद्दा केवल मेरे समाज का नहीं, पूरे समाज का है. किसी भी बेटी या बहन के बारे में अशोभनीय टिप्पणी करने का अधिकार किसी को नहीं है. संविधान ने हर महिला को सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिया है और इसे कोई भी व्यक्ति, चाहे उसका पद कितना ही बड़ा क्यों न हो, तार-तार नहीं कर सकता.”
राजू तिवारी ने आगे कहा कि ऐसे अधिकारी पर शीघ्र दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि यह संदेश जाए कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और भविष्य में कोई पदाधिकारी ऐसी भाषा प्रयोग करने से पहले सोचने पर मजबूर हो.
उनके बयान का सदन में मौजूद कई अन्य विधायकों ने भी समर्थन किया. Indian जनता पार्टी और कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने भी इस कथित टिप्पणी की निंदा की और कहा कि अधिकारी वर्ग को भाषा की मर्यादा और संवैधानिक आचरण का पालन करना चाहिए.
इधर, सरकार की ओर से इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. हालांकि, सूत्रों के अनुसार मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शीर्ष स्तर पर समीक्षा और चर्चा शुरू हो चुकी है.————
(Udaipur Kiran) / गोविंद चौधरी
