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Thursday, 29 October 2026
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केंद्र को राज्य का दर्जा देने का अपना वादा निभाना होगा – उमर अब्दुल्ला

श्रीनगर, 16 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) । मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात में सरकार इससे बेहतर कुछ नहीं कर सकती थी। वह सरकार के एक साल पूरे होने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक साल में सरकार के काम से संतुष्ट रहने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि आखिरकार, पाँच साल पूरे होने के बाद जनता ही अपने वोटों के ज़रिए फैसला करेगी। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि लोग हमारे काम से संतुष्ट हों। मेरा मानना ​​है कि इन परिस्थितियों में हम इससे बेहतर नहीं कर सकते थे लेकिन भविष्य में हम और भी बेहतर करेंगे।

उन्होंने कहा कि जनता इस सरकार का आकलन पाँच साल पूरे होने के बाद कर सकती है। उन्होंने कहा कि हमें जनादेश दस महीने या एक साल के लिए नहीं दिया गया है। हमें पाँच साल सेवा करने के लिए दिए गए हैं। कोई भी सरकार सिर्फ़ एक साल की अवधि में अपने सभी वादे पूरे नहीं कर सकती। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने कैबिनेट में प्रस्ताव पारित करके उसे विधानसभा में लाने का अपना वादा पूरा किया है।

उन्होंने आगे कहा कि दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण के संबंध में, सरकार ने इस संबंध में काम शुरू कर दिया है और आज ही शिक्षा विभाग ने 860 सीपीडब्ल्यू को नियमित किया है, जो पहले मामूली वेतन पर काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हम अपने वादों पर अडिग हैं और पाँच साल की अवधि में वे सभी पूरे हो जाएँगे। सरकार द्वारा किए गए सभी वादों का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने होगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनका मानना ​​है कि राज्य का दर्जा बहाल होने के बाद सभी मुद्दों का समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अपील करना चाहता हूँ कि वे संसद और सर्वोच्च न्यायालय में राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए लोगों से किए गए वादों को पूरा करें।

एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि यहाँ भाजपा की हार के कारण लोगों को उनके राज्य के अधिकार से वंचित करना दुर्भाग्यपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र ने केवल भाजपा के सत्ता में आने पर ही राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा नहीं किया था। उन्होंने परिसीमन, चुनाव और फिर राज्य का दर्जा देने का वादा किया था। इसमें कोई अगर-मगर नहीं था

आरक्षण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कल हुई कैबिनेट बैठक में कैबिनेट सब कमेटी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है और इसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। उन्होंने आगे कहा कि समाज कल्याण विभाग को एक कैबिनेट ज्ञापन तैयार करने के लिए कहा गया है, जिसे आवश्यक कार्रवाई के लिए कैबिनेट मंत्रियों को भेजा जाएगा और उसके बाद उपराज्यपाल को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। हमें उम्मीद है कि यह प्रक्रिया अगले 3-4 दिनों में पूरी हो जाएगी।

जम्मू-कश्मीर में बाढ़ के बाद सरकार द्वारा किए गए उपायों के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि एसडीआरएफ और मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से सरकार ने दिशानिर्देशों के अनुसार हर संभव प्रयास किया है।

उन्होंने आगे कहा कि पुनर्निर्माण और अन्य मुद्दों के संबंध में केंद्र ने टीमें भेजी हैं जिन्होंने स्थिति का आकलन किया है। उन्होंने कहा कि हम जम्मू-कश्मीर के लिए एक व्यापक पैकेज की उम्मीद कर रहे हैं ताकि नुकसान की भरपाई की जा सके क्योंकि 300 से ज़्यादा सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं, कई पुल ढह गए, फसलें बर्बाद हो गईं और घर क्षतिग्रस्त हो गए।

उमर ने यह भी कहा कि सरकार मौजूदा सरकारी योजना के तहत उन लोगों को 5 मरला ज़मीन सुनिश्चित करने की प्रक्रिया में है जिन्होंने ज़मीन के साथ-साथ अपने घर भी खो दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया जारी है और हमें उम्मीद है कि ज़मीन अधिग्रहण के बाद भी ज़मीन अधिग्रहण में कोई प्रगति नहीं होगी।

(Udaipur Kiran) / रमेश गुप्ता

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