एचईसी बंद कर देश की औद्योगिक क्षमता कमजोर करने की साजिश : सीटू

-एचईसी बंद करने के फैसले के खिलाफ सीटू ने जताया तीखा विरोध
रांची, 13 दिसंबर (Udaipur Kiran) । देश की प्रतिष्ठित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हेवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन (एचईसी) को बंद करने की केंद्र सरकार की पहल के खिलाफ सेन्टर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) ने शनिवार को तीखा विरोध दर्ज किया।
सीटू ने प्रेस विज्ञप्ति में इसे भारत की औद्योगिक क्षमता और आत्मनिर्भरता को कमजोर करने की सुनियोजित साजिश करार दिया और राज्यव्यापी जनसंघर्ष की अपील की।
सीटू कोल्हान कमेटी के महासचिव संजय कुमार ने कहा कि एचईसी देश का मातृ उद्योग है, जिसने इसरो के लॉन्च पैड, डीआरडीओ के रणनीतिक ढांचे और स्टील, कोयला व खनन क्षेत्रों की भारी मशीनरी तैयार कर देश के औद्योगिकरण में अहम योगदान दिया है।
संजय कुमार ने यह भी बताया कि वी.के. सारस्वत समिति और कई संसदीय समितियों की सिफारिशों को नजरअंदाज कर एचईसी बंद करने का निर्णय राष्ट्रहित के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि 28 माह से बिना वेतन के मजदूर और अधिकारी एचईसी को चला रहे हैं।
सीटू ने एचईसी के पुनरुद्धार, बकाया वेतन भुगतान, आधुनिकीकरण, कार्यशील पूंजी की व्यवस्था और 5000 एकड़ से अधिक भूमि की बिक्री या लीज पर रोक की मांग भी की है।————
(Udaipur Kiran) / Manoj Kumar



