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Thursday, 29 October 2026
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संस्कृति और सामान्य ज्ञान से जुड़ी प्रतियोगिताओं से बच्चों में बढ़ता है आत्मविश्वास : डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’

मंच संचालन करते डॉ हरेंद्र

वाराणसी, 14 दिसंबर(Udaipur Kiran) । वाराणसी में केशव बाल पुस्तकालय की ओर से आयोजित संस्कृति एवं सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता–2025 का पुरस्कार वितरण एवं प्रतिभा सम्मान समारोह रविवार को गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा, मुख्य अतिथि के रूप में मा. डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), उत्तर प्रदेश सरकार, सारस्वत अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह प्रचार प्रमुख मनोज कान्त उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन शिक्षाविद् डॉ. हरेन्द्र कुमार राय ने किया।

समारोह का शुभारम्भ मंचासीन महानुभावों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसके पश्चात बेसेन्ट थियोसाफिकल हायर सेकेंडरी स्कूल, कमच्छा के विद्यार्थियों द्वारा माँ सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। अतिथियों का चंदन तिलक एवं अंगवस्त्रम से अभिनन्दन किया गया तथा विद्यार्थियों द्वारा स्वागत गान की मनोहारी प्रस्तुति दी गई।

पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. हरेन्द्र कुमार राय ने अतिथियों का स्वागत करते हुए केशव बाल पुस्तकालय का परिचय दिया और बच्चों के सर्वांगीण बौद्धिक विकास हेतु पुस्तकालय द्वारा निरंतर आयोजित की जा रही शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक प्रतियोगिताओं की विस्तृत जानकारी दी। इसके उपरान्त प्रतियोगिता संयोजक डॉ. चारुचन्द्र राम त्रिपाठी ने इस वर्ष आयोजित संस्कृति एवं सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का पूर्ण विवरण प्रस्तुत करते हुए शिशु, बाल एवं तरुण वर्ग में प्रथम से पंचम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों की घोषणा की।

सारस्वत अतिथि मनोज कान्त ने अपने उद्बोधन में कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में अध्ययन, संस्कार और अनुशासन का भाव विकसित करती हैं तथा उन्हें जीवन में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने पुरस्कृत प्रतिभागियों को शुभाशीर्वाद प्रदान करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्य अतिथि मा. डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा, “संस्कृति और सामान्य ज्ञान से जुड़ी प्रतियोगिताएँ बच्चों में आत्मविश्वास, राष्ट्रबोध और नैतिक मूल्यों का विकास करती हैं। यही बच्चे आगे चलकर एक सशक्त, संस्कारित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।” उन्होंने केशव बाल पुस्तकालय की इस पहल की सराहना करते हुए बच्चों को निरंतर अध्ययन और संस्कार के पथ पर अग्रसर रहने का आह्वान किया।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा, “शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्कृति, ज्ञान और नैतिक मूल्यों के समन्वय से ही व्यक्तित्व का पूर्ण विकास संभव है। केशव बाल पुस्तकालय द्वारा आयोजित यह प्रतियोगिता बच्चों में भारतीय सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने का एक सराहनीय प्रयास है।” उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को समाज के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।

इसके पश्चात पुरस्कार वितरण समारोह सम्पन्न हुआ, जिसमें शिशु, बाल एवं तरुण वर्ग के प्रतिभागियों को क्रमशः प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ एवं पंचम पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रथम पुरस्कार विशिष्ट अतिथि द्वारा, द्वितीय पुरस्कार मुख्य अतिथि द्वारा, तृतीय पुरस्कार समारोह अध्यक्ष द्वारा, चतुर्थ पुरस्कार पुस्तकालय अध्यक्ष द्वारा तथा पंचम पुरस्कार प्रतियोगिता संयोजक द्वारा वितरित किए गए।

कार्यक्रम के अंत में बेसेन्ट थियोसाफिकल हायर सेकेंडरी स्कूल, कमच्छा के विद्यार्थियों द्वारा भावपूर्ण ‘वन्दे मातरम्’ का सामूहिक गायन प्रस्तुत किया गया। समारोह संयोजक डॉ. अंजू राय ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी अतिथियों, आयोजकों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके पश्चात अल्पाहार के साथ समारोह का समापन हुआ।

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(Udaipur Kiran) / श.चन्द्र

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