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Thursday, 29 October 2026
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कांग्रेस है देश की ओरिजिनल वोट चोर पार्टी : प्रतुल

प्रतुल की फाइल फोटो

रांची, 16 दिसंबर (Udaipur Kiran) । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक मूल्यों के सम्मान का नहीं, बल्कि वोट चोरी और संस्थाओं के दुरुपयोग का रहा है। उन्‍होंने कहा कि आज जब भी भारतीय जनता पार्टी चुनाव जीतती है, कांग्रेस और उसका पूरा विपक्ष चुनाव आयोग, ईवीएम और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला शुरू कर देता है, लेकिन जब वही विपक्ष चुनाव जीत जाता है तो उसे लोकतंत्र की जीत बताने में देर नहीं लगती।

प्रतुल शाहदेव ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि आज़ादी के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री के चयन की प्रक्रिया ही कांग्रेस की वोट-चोरी मानसिकता का सबसे बड़ा प्रमाण है। प्रधानमंत्री बनने के लिए कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्षों के मतदान में सरदार वल्लभभाई पटेल को 28 वोट मिले थे, जबकि जवाहरलाल नेहरू को मात्र 2 वोट ही मिले थे। इसके बावजूद लोकतांत्रिक निर्णय को दरकिनार कर पंडित नेहरू को प्रधानमंत्री बना दिया गया। इससे बड़ा वोट चोरी और जनमत की अवहेलना का उदाहरण देश के इतिहास में नहीं हो सकता। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने देश के इतिहास में पहली बार किसी प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का चुनाव अवैध घोषित किया, क्योंकि न्यायालय ने पाया कि चुनाव नियमों के अनुरूप नहीं हुआ था। यह भी वोट चोरी का ही एक रूप था।

1975 में इंदिरा गांधी ने आपातकाल थोप दिया जो लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला था। वर्ष 1976 में होने वाले आम चुनाव में जनता को वोट देने का संवैधानिक अधिकार था, लेकिन आपातकाल लगाकर कांग्रेस ने यह अधिकार जनता से छीन लिया। यह सीधे-सीधे जनता के वोट की चोरी थी।प्रतुल ने कहा कि सोनिया गांधी का नागरिक बने बिना मतदाता सूची में नाम दर्ज होना भी वोट चोरी का ही एक उदाहरण है, जिसे कांग्रेस ने हमेशा की तरह सत्ता के प्रभाव से दबाने की कोशिश की।

प्रतुल ईवीएम विवाद पर कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश में 74 बड़े विधानसभा चुनाव हुए, जिनमें से 44 में एनडीए को जीत मिली और 30 में विपक्ष ने जीत हासिल की। अगर ईवीएम में खोट होती, तो विपक्ष इन 30 चुनावों में कैसे जीतता। उन्‍होंने कहा कि सच यह है कि विपक्ष हारने पर बहाने ढूंढती है और जीत हासिल करने पर चुप्पी साध लेती है।

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(Udaipur Kiran) / विकाश कुमार पांडे

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