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Thursday, 29 October 2026
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बातचीत : ‘कला मेरा आधार, राजनीति मेरी जिम्मेदारी‘- मैथिली ठाकुर

दरभंगा: मैथिली ठाकुर ( अलीनगर विधायक)
भाजपा विधायक और प्रसिद्ध लोकगायिका मैथिली ठाकुर विधानसभा सत के दौरान

दरभंगा, 5 दिसंबर (Udaipur Kiran) । बिहार में दरभंगा जिले की अलीनगर विधानसभा सीट से ऐतिहासिक जीत के बाद नवनिर्वाचित विधायक और प्रसिद्ध लोकगायिका मैथिली ठाकुर ने क्षेत्र के विकास, जन अपेक्षाओं और आगे की कार्ययोजना को लेकर (Udaipur Kiran) से विस्तृत बातचीत की । उन्हें कुल 84915 मत मिले और 11730 मतों के निर्णायक अंतर से जीत दर्ज की। इससे न केवल राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बढ़ा दी है बल्कि अलीनगर की जनता में भी नई उम्मीदें जगाई हैं।

मैथिली ठाकुर ने स्पष्ट किया है उनकी प्राथमिकता सीधे जमीनी विकास, युवा-केंद्रित नीति, और पारदर्शिता पर है। डेटा के आधार पर रोडमैप तैयार करने और छह-मासिक रिपोर्ट देने की घोषणा बिहार की विधानसभा राजनीति में एक नई पहल मानी जा रही है। अलीनगर के मतदाता अब उनकी योजनाओं के कार्यान्वयन को लेकर उत्साहित भी हैं और उम्मीद से भरे हुए भी—क्योंकि यह पहला मौका है जब क्षेत्र के विकास की दिशा में युवाओं जैसा ऊर्जावान नेतृत्व सामने आया है।

प्रश्न — आपकी जीत को युवा नेतृत्व की जीत माना जा रहा है। आप इसे कैसे देखती हैं?

मैथिली ठाकुर: “यह जीत सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि अलीनगर के उन युवाओं की है, जिन्होंने बदलाव को चुना। मुझे खुशी है कि पारंपरिक राजनीति से हटकर लोगों ने विकास, पारदर्शिता और संवेदनशील नेतृत्व को प्राथमिकता दी। मैं इस विश्वास पर पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करूंगी।”

प्रश्न — आपके लिए विकास का प्राथमिक एजेंडा क्या है?

मैथिली ठाकुर:“सबसे पहले हम सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा तीनों को एक साथ मजबूत करेंगे। केन्द्रीय विद्यालय, डिग्री कालेज भी प्राथमिकता में है। साथ ही ग्रामीण संपर्क मार्ग का 100 से अधिक किलोमीटर पक्का किए जाने का लक्ष्य है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 24 घंटे 7 दिन एम्बुलेंस और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। लगभग 30 स्कूलों में डिजिटल लैब और स्मार्ट-क्लास की योजना भी तैयार की जा रही है। हम एक डेटा आधारित प्रगति रिपोर्ट हर छह महीने जनता को उपलब्ध कराएँगे।”

प्रश्न — अलीनगर की सबसे गंभीर समस्याओं में पानी, बिजली और स्वास्थ्य शामिल हैं। इन पर आपकी रणनीति क्या होगी?

मैथिली ठाकुर: “नल-जल योजना और बिजली निर्बाधता पर विभागीय समन्वय के साथ कड़ी निगरानी करेंगे। गाँवों में ट्रांसफॉर्मर बदलना, पाइपलाइन सुधारना और पुरानी मोटरों की मरम्मत प्राथमिक सूची में है। स्वास्थ्य के लिए दवा उपलब्धता और गर्भवती महिलाओं की सुविधा—दोनों को हम तत्काल बेहतर करेंगे।”

प्रश्न — स्वरोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए कोई विशेष योजना?

मैथिली ठाकुर: “हमारी कोशिश है कि 2 वर्षों में कम से कम 200 युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ें। हस्तशिल्प, महिला स्वयं सहायता समूह, कृषि-आधारित उद्यम और स्थानीय पर्यटन। मिथिला की कला, संगीत और संस्कृति को भी आत्मनिर्भरता से जोड़ना मेरा सपना है।

प्रश्न — चुनाव के दौरान ‘अलीनगर का नाम सीतानगर’ रखने का मुद्दा भी चर्चा में रहा। इस पर आपका क्या दृष्टिकोण है?

मैथिली ठाकुर: “यह विषय भावनात्मक जुड़ाव का है। आज भी मिथिला में माता सीता की आस्था गहरी है। लेकिन यह निर्णय सभी समुदाय, पंचायत, जनप्रतिनिधि और प्रशासन के समन्वय से यदि जनता चाहेगी तब ही इस पर आगे बढ़ेंगे। विकास के साथ माता सीता के नाम साथ जोड़ने से युवाओं में अपने जड़ों में झांकने का अवसर मिलेगा। भारत की पहचान हमारी संस्कृति से है और हमारी संस्कृति में माता सीता आदि शक्ति देवी के रूप में भी सर्वमान्य और पूजनीय है।

प्रश्न — जीत के बाद कुछ क्षेत्रों में सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाने वाले वीडियो और कुछ विरोध की खबरें सामने आईं। आप इसे कैसे देखती हैं?

मैथिली ठाकुर: सोशल मीडिया आज संवाद का माध्यम है, लेकिन गलत सूचनाएँ माहौल खराब कर सकती हैं। मैं सभी से आग्रह करती हूँ कि फर्जी वीडियो या उकसाने वाले संदेशों पर भरोसा न करें। हम जल्द ही एक जनसंपर्क एवं सत्यापन सेल बनाएँगे, जो किसी भी भ्रम का तुरंत जवाब देगा।

प्रश्न — आपकी जीत में महिलाओं और युवाओं की बड़ी भूमिका रही है। क्या उनके लिए कोई विशेष योजना है?

मैथिली ठाकुर: हां, बिल्कुल। महिलाओं के लिए कौशल-प्रशिक्षण केंद्र ग्रामीण स्त्री-स्वास्थ्य शिविर मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए सहायता कार्यक्रम खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा, मेरा मानना है कि किसी भी क्षेत्र की आधी आबादी को सशक्त किए बिना विकास अधूरा है।

प्रश्न — आप कला और राजनीति, दोनों क्षेत्रों से जुड़ी हैं। आगे यह संतुलन कैसे रहा पाएंगी?

मैथिली ठाकुर: कला मेरा आधार है और राजनीति मेरी ज़िम्मेदारी। दोनों एक-दूसरे को मजबूत करते हैं। संगीत ने मुझे विनम्रता, धैर्य और संस्कृति की समझ दी जो एक जनप्रतिनिधि के लिए भी आवश्यक है। काम प्राथमिकता है, बाकी सब उसके अनुरूप चलेगा।

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(Udaipur Kiran) / Krishna Mohan Mishra

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