बुलंदशहर सामूहिक दुष्कर्म मामले में कोर्ट ने पांच दोषियों को सुनाई उम्रकैद की सजा


बुलंदशहर, 22 दिसंबर (Udaipur Kiran) । राष्ट्रीय राजमार्ग-91 पर गाजियाबाद के कार सवार परिवार को बंधकर बनाकर मां-बेटी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पांच आरोपितों को स्पेशल पाॅक्साे काेर्ट ने दाेषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। काेर्ट ने प्रत्येक दोषी पर एक लाख 81 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। सजा का ऐलान हाेने के बाद पुलिस ने दाेषियाें काे कस्टडी में ले लिया। वहीं, सजा सुनने के बाद दाेेषियाें ने खुद काे बेकसूर बताया।
एडीजीसी वरुण कौशिक ने साेमवार काे पत्रकारों को बताया कि 29 जुलाई 2016 को एक परिवार कार में बैठकर ग्रेटर नोएडा से शाहजहांपुर जा रहा था। बुलंदशहर के देहात कोतवाली क्षेत्र में दोस्तपुर गांव में पास नेशनल हाइवे पर बदमाशाें ने कार सवार परिवार को बंधक बना लिया। इसके बाद परिवार के सामने बदमाशाें ने मां-बेटी से सामूहिक दुष्कर्म किया और लूटपाट करके भाग गए।
इस मामले में पुलिस ने कारवाई करते हुए 11 आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। नोएडा एसटीएफ ने इस मामले में आरोपित असलम कालिया को हरियाणा और बंटी उर्फ गंजा बबलू को नोएडा में मुठभेड़ में मार गिराया था, जबकि जांच के दाैरान आरोपित रहीसद्दीन, जावेद, जबर सिंह के नाम मामले से हटाते हुए सीबीआई ने उन्हें क्लीनचीट दी थी। वहीं, गिरोह के सरगना सलीम बवारिया की मौत हो गई थी।
स्पेशल पोक्सो कोर्ट के न्यायधीश ओम प्रकाश वर्मा ने अन्य आरोपितों काे तमाम गवाहों और सबूतों के आधार पर दोषी ठहराते हुए कन्नौज जनपद के रहने वाले जुबेर, साजिद और फर्रुखाबाद जनपद के रहने वाले धर्मवीर, नरेश और सुनील को उम्रकैद की सजा सुनाई है। काेर्ट ने दोषियों पर 1.81 लाख रुपये प्रत्येक को अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि का आधा हिस्सा पीड़ित बेटी और उसकी मां को दिया जाएगा। मामले में पीड़ित परिवार ने दरिंदों को फांसी की सजा देने की मांग की थी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिव कुमार माहौर ने कोर्ट के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की बात कही है।
एडीजीसी वरुण कौशिक ने कहा कि कोर्ट ने इस फैसले के बाद साफ संदेश दिया है कि ऐसे अपराधियों को समाज से दूर रखना जरूरी है।
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(Udaipur Kiran) / दीपक



