Skip to content
Friday, 30 October 2026
BREAKING
UTTAR PRADESH

यूपीएससी 2025 में ऑल इंडिया 16 वीं रैंक लाकर दर्शिता ने बाराबंकी का नाम किया रोशन

बाराबंकी , 1 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) | होनहार वीरवान के होत चिकने पात, उक्त पक्तिं जनपद बाराबंकी की बेटी दर्शिता बाजपेयी की सफलता पर सटीक बैठ रही हैं। यूपीएससी द्वारा घोषित भारतीय सांख्यिकी सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम में दर्शिता ने ऑल इंडिया 16वीं रैंक हासिल कर जिले, तहसील और गांव का नाम रोशन किया है।

वर्तमान में लखनऊ के मोती नगर में रह रही तहसील हैदरगढ़ की गौरवा उसमानपुर ग्राम पंचायत के तिलोकपुर गांव की मूल निवासी दर्शिता बाजपेयी साधारण परिवार से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सफलता की मिसाल बनी हैं। मंगलवार को जैसे ही परिणाम घोषित हुआ, घर से लेकर गांव तक जश्न का माहौल बन गया। मिठाइयाँ बँटीं, बधाइयाँ दी गईं और हर कोई गर्व से कहने लगा “यह हमारी बेटी है|” दर्शिता ने पूरी शिक्षा लखनऊ में ही की है| नवयुग रेडियंस से 12 वीं व नवयुग कन्या महाविद्यालय से बी एस सी तक की पढ़ाई की| उसके बाद लखनऊ विश्वविद्यालय से एम.एस सी. सांख्यिकीय के साथ ही यूपीएससी की तैयारी भी करती रहीं। इस दौरान उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे और दो बार साक्षात्कार तक पहुँचने के बाद भी चयन नहीं हुआ| लेकिन दर्शिता ने कभी हार नहीं मानी। दर्शिता की सफलता के पीछे परिवार की प्रेरणा भी अहम रही। पिता सुशील बाजपेयी व माँ हीरा बाजपेयी तथा भाई अदव्य अधिवक्ता हैं| परिवार का माहौल हमेशा शिक्षा और अनुशासन को प्राथमिकता देने वाला रहा,जिसने दर्शिता को इस मुकाम तक पहुँचाया।

वह कहती हैं, “मुझे विश्वास था कि अगर मेहनत और लगन से पढ़ाई की जाए तो सफलता निश्चित है। बेटियाँ किसी से कम नहीं हैं, बस उन्हें अवसर और आत्मविश्वास चाहिए।”उनकी इस सफलता से पूरे क्षेत्र में बेटियों को शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की दिशा में प्रोत्साहन मिलेगा। बतौर सैनिक देश की सेवा में इस तिलोकपुर के बाजपेयी परिवार के माखन बाजपेयी, बटेश्वर बाजपेयी, तथा दर्शिता के बाबा देवी प्रसाद बाजपेयी ने अपनी सेवाएं दी हैं| तिलोकपुर में दर्शिता के परिवारी पत्रकार व कवि सुनील वाजपेयी शिवम्,भाजपा नेता श्यामू बाजपेयी आदि को घर पहुंचकर व दूरभाष पर लगातार बधाई देने वालों का तांता लगा है। गांव के लोग एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इसे अपनी सामूहिक उपलब्धि मान रहे हैं। दर्शिता अब न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे बाराबंकी जिले की नई प्रेरणा बन गई है।

—————

(Udaipur Kiran) / पंकज कुमार चतुवेर्दी

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *