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Friday, 30 October 2026
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राम मंदिर प्रतिष्ठा द्वादशी कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होंगे शामिल

राम मंदिर

-प्रतिष्ठा द्वादशी पर अयोध्या में भव्य आयोजन, मां अन्नपूर्णा मंदिर पर ध्वजारोहण और अंगद टीला से होगा राजनाथ सिंह, सीएम योगी का संबोधन

अयोध्या, 30 दिसंबर (Udaipur Kiran) । श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर के प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह में यज्ञशाला अनुष्ठान के चौथे दिन मंगलवार को तत्वकलश, तत्वहोम, कलशाधिवासहोम अनुष्ठान हुए। सायंकाल पालकी यात्रा निकाली गई।

पूजन में लगे आचार्यों के अनुसार अनुष्ठान वातावरण को दिव्य ,सात्विक और तेजोमय बनाते हैं।

रामनगरी अयोध्या भक्ति, श्रद्धा और धार्मिक उल्लास से सराबोर है। भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर राम मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा 27 दिसंबर से शुरू हुए पांच दिवसीय महोत्सव का मुख्य समारोह बुधवार को होगा, जिसमें देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस ऐतिहासिक आयोजन में उपस्थिति दर्ज कराएंगे। प्राण प्रतिष्ठा मूल रूप से 22 जनवरी 2024 को पौष शुक्ल द्वादशी तिथि पर संपन्न हुई थी, जिसे हिंदू पंचांग के अनुसार प्रतिष्ठा द्वादशी के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष यह तिथि 31 दिसंबर को पड़ रही है। ट्रस्ट के अनुसार, अनुष्ठान जगद्गुरु मध्वाचार्य जी की देखरेख में संपन्न हो रहे हैं। राम मंदिर परिसर में रामचरितमानस के संगीतमय पाठ, रामकथा प्रवचन, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झड़ी लगी हुई है। अंगद टीला पर भव्य पंडाल बनाए गए हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बुधवार सुबह करीब 11 बजे अयोध्या पहुंचेंगे। वे राम मंदिर परिसर में रामलला के दर्शन-पूजन करेंगे तथा मां अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण करेंगे। इसके पश्चात वे राम मंदिर में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे, जिनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहेंगे। अयोध्या एयरपोर्ट पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का स्वागत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।

चारों ओर जय श्रीराम के उद्घोष

रामनगरी में चारों ओर जय श्रीराम के उद्घोष गूंज रहे हैं। लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। यह उत्सव न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि राम मंदिर के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक जागरण को भी रेखांकित करता है।दोनों नेता अंगद टीला पर जनता को संबोधित भी करेंगे।

(Udaipur Kiran) / पवन पाण्डेय

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