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Friday, 30 October 2026
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प्रदेश में ईको पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास को मिलेगा नया आयाम

अनुपूरक बजट पेश करते वित्त मंत्री सुरेश खन्ना

श्री सोरों और श्री कल्कि धाम में पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रस्ताव

लखनऊ, 22 दिसंबर (Udaipur Kiran) । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट में पर्यटन, कला, संस्कृति को बढ़ावा देने और धार्मिक स्थलों का विकास करने पर विशेष ध्यान दिया है। वित्त मंत्री ने सोमवार को विधान सभा में अनुपूरक बजट पेश करते हुए यूपी ईको टूरिज्म विकास बोर्ड के लिए 1 करोड़ रुपये तथा अन्य पर्यटन सुविधाओं का विकास करने के लिए 5 करोड़ रुपये की मांग की गई है। साथ ही श्री सोरों और श्री कल्कि धाम व अन्य तीर्थ स्थलों में विकास कार्यों को गति देने के लिए 10 करोड़ रुपये के अनुदान का प्रस्ताव रखा है। लोक कलाकारों को वाद्ययंत्रों की खरीद के लिए 5 करोड़ रुपये और राज्य पुरातत्व निदेशालय छतर मंजिल, लखनऊ के रेस्टोरेशन के लिए 3 करोड़ 44 लाख रुपये का प्रस्ताव रखा गया है।

ईको पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष जोरविधान सभा में सोमवार को पेश किए गए अनुपूरक बजट में ईको पर्यटन के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए 10 लाख रुपये और प्राकृतिक स्थलों, वन क्षेत्रों और ग्रामीण पर्यटन में सुविधाओं का विकास करने के लिए, उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म विकास बोर्ड को 1 करोड़ रुपये की राशि प्रदान करने का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत पर्यटन, यात्री सुविधा एवं संस्थागत विकास से जुड़े कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपये की आवश्यकता व्यक्त की गई है।

श्री सोरों तीर्थ, कासगंज और श्री कल्कि धाम, संभल क्षेत्र सहित अन्य धार्मिक स्थलों में पर्यटन संबंधी अवसंरचना सुविधाओं के विकास करने के लिए विशेष रूप से 10 करोड़ रुपये अनुदान का प्रस्ताव रखा गया है। इस राशि से तीर्थ क्षेत्रों में सड़क, प्रकाश व्यवस्था, सूचना केंद्र, शौचालय, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। साथ ही जनपद, ब्लाक मुख्यालयों पर हेलीपैड की सुविधा का विकास करने के लिए 10 करोड़ रुपये का अनुदान मांगा गया है।

सार्वजनिक रामलीला स्थल और लोक कलाकारों के लिए अनुपूरक मांग

प्रदेश में कला, संस्कृति के विकास के लिए भी अनुपूरक मांगे रखी गई हैं। इसके तहत लोक कलाकारों को सहयोग और वाद्ययंत्रों की खरीद के लिए 5 करोड़ रुपये, साथ ही सार्वजनिक रामलीला स्थलों के रख-रखाव के लिए प्रतीकात्मक रूप से 1 लाख रुपये की मांग की गई है। वहीं प्रदेश में संग्रहालयों के संरक्षण और क्यूरेशन के लिए 1 लाख रुपये और राज्य पुरातत्व निदेशालय छतर मंजिल, लखनऊ के रेस्टोरेशन के लिए 3 करोड़ 44 लाख रुपये की मांग की गई है। साथ ही संजीवनी माध्यमिक विद्यालय की स्थापना के लिए आवास निर्माण कार्य हेतु 1 लाख रुपये की मांग की गई है। सरकार के ये प्रयास प्रदेश में पर्यटन, ईको टूरिज्म को नया आयाम प्रदान करेंगे साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्राप्त होगी।

(Udaipur Kiran) / बृजनंदन

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