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Thursday, 29 October 2026
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गाय के गोबर से मूर्तियां व दिए बना आत्मनिर्भर बन रहे दिव्यांग

तैयार दीपक
मूर्तियों में भर रहे रंग
दिए तैयार कर रहे दिव्यांग

महोबा, 19 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) । बुंदेलखंड सोसायटी फॉर रूरल डेवलेपमेंट संस्था के द्वारा अनूठी पहल कर दिव्यांगों के जीवन को जगमग किया जा रहा है । जहां दिव्यांग गाय के गोबर से राम दरबार, आकर्षक दीपक, धूप बत्ती समेत अन्य प्रतिमाओं के साथ साथ अन्य सजावटी सामान तैयार कर रहे हैं।जिससे दिव्यागों को रोजगार मिल रहा है और वह आत्मनिर्भर बन रहे हैं । साथ ही वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा दे रहे हैं। संस्था के द्वारा उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

बुंदेलखंड सोसायटी फॉर रूरल डेवलेपमेंट

संस्था के प्रबंधक आकाश राय ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि संस्था के द्वारा 20 से अधिक दिव्यांगों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शालिनी प्रजापति, प्रीति, इंद्रेश यादव, दिनेश, लवली, दिव्या, मनोज, शिखा, अखिलेश, ऊषा, बबलू, आशीष, श्याम बिहारी, आदि दिव्यांग मिट्टी और गोबर से मूर्तियां व घरेलू सजावटी सामान तैयार कर रहे हैं। जहां गाय के गोबर से राम दरबार, लक्ष्मी गणेश, शंकर जी की प्रतिमा मोमेंटो समेत अन्य अद्भुत प्रतिमाएं बनाई जा रही हैं। बताया कि दीपक बनाने के लिए गौशाला से गोबर लाते हैं। फिर उसमें प्रीमिक्स मिलाया जाता है जो कि इमली के बीज और मैदा लकड़ी का पाउडर होता है। मुल्तानी मिट्टी का मिश्रण कर धूप में सुखाकर उसमें रंग भरा जाता है। बाद में बत्ती लगाकर जैल भरकर दीपक की पैकिंग करते हैं। इसके साथ ही प्रतिमाएं सांचे के माध्यम से तैयार की जाती हैं।

फूलों से बनाते हैं धूपबत्ती

संस्था की प्रशिक्षक दीपशिखा आकाश राय ने बताया कि देवेंद्र प्रजापति के द्वारा दिव्यांगों को दीपक और मूर्तियां बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बताया कि यह सभी उत्पाद ईको फ्रेंडली हैं।संस्था के द्वारा मंदिरों में देवी देवताओं को अर्पित फूलों को एकत्रित कर उनको सुखाकर पाउडर बनाकर धूपबत्ती बनाने का प्रशिक्षण भी दिव्यागजनों को दिया जाता है। जिससे पानी दूषित नहीं होता है और फूलों का सदुपयोग हो जाता है। और इससे वातावरण भी दूषित नहीं होता है।

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(Udaipur Kiran) / उपेन्द्र द्विवेदी

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