वाराणसी में धान की सीधी बुवाई से किसानों को मिल रहा लाभ,पैदावार में बढ़त से आय भी बढ़ रही

— रबी सीजन में बिना जुताई के गेहूं की समय पर बुआई पर जोर
वाराणसी,17 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) । उत्तर प्रदेश के वाराणसी में धान की सीधी बुवाई से किसानों के पैदावार में बढ़त के साथ आय में भी इजाफा हो रहा है। जिले में अंतराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (आइसार्क) की धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) का असर दिखने लगा है। शुक्रवार को आराजीलाइन विकास खंड के पनियारा गांव में सीधी धान की बुवाई तकनीक से तैयार हुई फसल की कटाई में पाया गया कि 14 प्रतिशत नमी पर 67 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की पैदावार हुई है। जो पहले 45 से 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर थी। धान के कटाई के दौरान मौके पर मौजूद कृषि उपनिदेशक अमित जायसवाल, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अमितेश सिंह एवं आइसार्क के वैज्ञानिकों ने कहा कि आइसार्क की धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) को बढ़ावा देने की मेहनत अब रंग ला रही है। इस तकनीक को किसानों तक पहुँचाने के लिए कृषि वैेज्ञानिकों ने अथक प्रयास किए है।
बताया गया कि आइसार्क के निदेशक डॉ. सुधांशु सिंह के नेतृत्व में धान की सीधी बुवाई को बढाने के लिए पनियारा गांव में वैज्ञानिकों ने स्थानीय कृषि संस्थानों के साथ मिलकर युद्ध-स्तर पर कई मुहिम चलायी है। मई महीने से शुरू हुई इस अभियान के अंतर्गत गांव के कुल 19 प्रगतिशील किसानों के साथ मिलकर 55 एकड़ क्षेत्र में धान की सीधी बुवाई का सफल प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आह्वान पर उत्तर प्रदेश के 21 जिलों में यूपी अग्रीस परियोजना के अंतर्गत धान की सीधी बुवाई को किसानों तक पहुंचाने के लिए इरी लगातार प्रयासरत है। हाल ही में इरी ने वाराणसी में इस तकनीक पर एक वैश्विक सम्मलेन का भी आयोजन किया था । जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ-साथ 15 देशों से आये लगभग 300 से ज्यादा विशेषज्ञों ने भाग लिया। और डीएसआर के प्रसार पर चर्चा की।
कृषि उप निदेशक अमित जायसवाल ने धान की सीधी बुआई विधि की सराहना करते हुए कहा कि इस विधि से धान की खेती की लागत में काफी कमी आई है। समय से बुआई के कारण रबी सीजन की फसल की समय से बुआई हो पाएगी, जिससे रबी की फसल की उपज भी अच्छी होगी। उन्होंने बताया कि सरकारी पोर्टल में ‘इन-सीटू’ मशीन एवं बेलर के लिए सरकार की तरफ से सब्सिडी योजना चालू है। ज्यादा से ज्यादा किसान भाई इसका फायदा उठायें। इस मौके पर प्रगतिशील किसान लल्लन दूबे,अरविंद पांडेय, राजेश मिश्रा, जितेंद्र मिश्रा, ऋतुराज मिश्रा, बृजेश सिंह, ताराशंकर सिंह समेत 20 से अधिक किसान उपस्थित रहे।
(Udaipur Kiran) / श्रीधर त्रिपाठी



