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Thursday, 29 October 2026
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कोरबा : किसान-हितैषी नीतियों का प्रतिफल, साय सरकार की धान खरीद व्यवस्था से किसानों में संतोष

किसान-हितैषी नीतियों का प्रतिफल : साय सरकार की धान खरीदी व्यवस्था से किसानों में संतोष, खेती बनी लाभ का आधार

कोरबा 29 दिसंबर (Udaipur Kiran) । छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले किसान वर्ग को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा निरंतर ठोस और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश में संचालित धान खरीद व्यवस्था न केवल देश में सर्वाधिक समर्थन मूल्य प्रदान कर रही है, बल्कि टोकन से लेकर अंतिम विक्रय और भुगतान तक किसानों को हर स्तर पर सुविधा, पारदर्शिता और सम्मान का अनुभव करा रही है।

राज्य सरकार की स्पष्ट मंशा है कि किसान अपनी उपज बेचने के लिए किसी भी प्रकार की असुविधा, लंबी प्रतीक्षा या अव्यवस्था का सामना न करें। इसी उद्देश्य से समिति स्तर पर टोकन व्यवस्था, मंडियों में सुव्यवस्थित प्रबंधन, सहयोगी वातावरण और समयबद्ध प्रक्रिया सुनिश्चित की गई है। इन प्रयासों का सकारात्मक असर अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।

कोरबा जिले के कनकी धान मंडी में ग्राम गुमिया निवासी कृषक जमुना प्रसाद बियार इस सुगठित व्यवस्था के प्रत्यक्ष लाभार्थी बने। बियार ने अपनी लगभग 06 से 07 एकड़ कृषि भूमि में उपजाए गए 104 क्विंटल धान का विक्रय मंडी में किया। उन्होंने बताया कि ऑफलाइन समिति के माध्यम से उन्हें बिना किसी लाइन में लगे और बिना किसी परेशानी के समय पर टोकन प्राप्त हो गया, जिससे मंडी में धान विक्रय की प्रक्रिया सहजता से पूरी हुई।

बियार ने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने 110 क्विंटल धान का विक्रय किया था और उस समय भी शासन की व्यवस्था संतोषजनक रही। सरकार द्वारा सर्वाधिक समर्थन मूल्य दिए जाने से उन्हें अपनी फसल का उचित और लाभकारी मूल्य मिलने का पूरा भरोसा है। उनके अनुसार, वर्तमान व्यवस्था ने खेती को केवल आजीविका का साधन ही नहीं, बल्कि सम्मानजनक और सुरक्षित भविष्य का आधार बनाया है। धान खरीद की पारदर्शी और किसान-मैत्री व्यवस्था से न केवल किसानों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। समय पर खरीदी, स्पष्ट प्रक्रिया और सहयोगपूर्ण वातावरण ने किसानों में शासन के प्रति विश्वास को और सुदृढ़ किया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार की यह पहल स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि राज्य सरकार किसानों के श्रम का सम्मान करने, उनकी आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। धान खरीदी की यह सुव्यवस्थित प्रणाली छत्तीसगढ़ में सुशासन, पारदर्शिता और किसान कल्याण की मजबूत नींव को दर्शाती है।

(Udaipur Kiran) / हरीश तिवारी

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(Udaipur Kiran) / हरीश तिवारी

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