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Thursday, 29 October 2026
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ललित कला संस्थान के छात्र सबत खालदी ने बढ़ाया झांसी का गौरव

छात्र खालिदी
कार्यक्रम में छात्र

राज्य युवा उत्सव में सबत खालदी की जीत, राष्ट्रीय मंच पर करेंगे यूपी का प्रतिनिधित्व

झांसी, 29 दिसंबर (Udaipur Kiran) । ललित कला संस्थान, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी के एमएफए (मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स) के प्रतिभाशाली विद्यार्थी सबत खालदी ने हाल ही में राज्य स्तर पर आयोजित युवा उत्सव में पुरस्कार प्राप्त कर एक बार फिर झांसी और बुंदेलखंड का मान बढ़ाया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के साथ ही अब वे शीघ्र ही दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय युवा उत्सव में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। उनकी यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह बुंदेलखंड क्षेत्र के उभरते कलाकारों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनकर सामने आई है।

सबत खालदी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा और इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई क्राइस्ट द किंग कॉलेज, झांसी से पूरी की। बचपन से ही कला के प्रति विशेष रुचि रखने वाले सबत ने आगे चलकर इसी क्षेत्र को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया। वर्तमान में वे बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के ललित कला संस्थान में फाइन आर्ट्स के मास्टर्स फाइनल ईयर के छात्र हैं। उनका यह सफर किसी एक दिन की मेहनत का परिणाम नहीं, बल्कि वर्षों की साधना, निरंतर अभ्यास और कला के प्रति समर्पण का सजीव उदाहरण है।

कला के क्षेत्र में सबत खालदी ने अब तक 15 से अधिक विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं, जो अपने आप में एक असाधारण उपलब्धि है। उन्होंने मात्र 40 सेकंड में पैरासिटामोल टैबलेट पर मोना लिसा का चित्र बनाकर अमेरिका बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया। इसके अतिरिक्त उन्होंने पैरासिटामोल टैबलेट पर श्री राम लला का चित्रण, चने की दाल पर पेंटिंग जैसे अनोखे और प्रयोगधर्मी कार्य कर कला जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। इन प्रयोगों के माध्यम से उन्होंने इंडिया, एशिया, अमेरिका और इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर देश, प्रदेश और झांसी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया है।

गौरतलब है कि वर्ष 2023 में भी सबत खालदी ने राज्य युवा उत्सव में सहभागिता कर पुरस्कार प्राप्त किया था। इस वर्ष पुनः उनकी जीत यह दर्शाती है कि उनकी कला में निरंतरता, नवाचार और गुणवत्ता बनी हुई है। केवल पुरस्कारों तक ही सीमित न रहते हुए वे बुंदेलखंड की लोक कला और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। बुंदेलखंड साहित्य महोत्सव के दौरान उन्होंने 62 मुख्य अतिथियों को अपने हाथों से बनाए गए चित्र भेंट किए। इनमें नदिया के पार की अभिनेत्री साधना सिंह, क्रैश कोर्स फेम अभिनेत्री अनुष्का कौशिक, पंचायत के दमाद जी आसिफ खान तथा समाचार जगत के प्रसिद्ध एंकर सईद अंसारी शामिल रहे।

राज्य स्तर पर आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के विभिन्न मंडलों से आए विजयी प्रतिभागियों के साथ उनका कड़ा मुकाबला हुआ। कठिन प्रतिस्पर्धा के बावजूद सबत खालदी ने अपनी उत्कृष्ट कला, मौलिक सोच और प्रस्तुति के बल पर निर्णायकों को प्रभावित किया और पुरस्कार अपने नाम किया।

इस अवसर पर ललित कला संस्थान, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी की समन्वयक डॉ. श्वेता पाण्डेय ने सबत खालदी की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता उनकी अथक मेहनत, अनुशासन और कला के प्रति सच्ची लगन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सबत जैसे विद्यार्थी संस्थान की पहचान हैं और ललित कला संस्थान निरंतर ऐसे प्रयास कर रहा है जिससे विद्यार्थियों को बेहतर मंच, मार्गदर्शन और अवसर मिल सकें तथा उनका भविष्य उज्ज्वल बन सके।

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(Udaipur Kiran) / महेश पटैरिया

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