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Thursday, 29 October 2026
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वाराणसी में लगातार दूसरे दिन कोहरे और धुंध से जनजीवन ठहरा,स्कूलों के समय में परिवर्तन

धुंध और कोहरे में शास्त्रीघाट वरूणापुल का नजारा

—ठंड में सड़कों पर ठिठुरते लोगों को हाल जिलाधिकारी ने जाना

वाराणसी,19 दिसंबर (Udaipur Kiran) । उत्तर प्रदेश के वाराणसी सहित पूर्वांचल के जिलों में शुक्रवार को भी कोहरे और धुंध से जनजीवन अलसाया दिखा। हालांकि कोहरा बहुत घना नही रहा लेकिन धुंध और ठंड से सड़कों पर सुबह लोग आवश्यक कार्यो से ही बाहर निकल रहे थे। धुंध और घने कोहरे के साथ सर्द मौसम को देखते हुए प्रदेश प्रशासन के निर्देश पर स्कूलों का समय बदल दिया गया है। वाराणसी सहित सभी जिलों में स्कूलों का समय सुबह दस बजे से तीन बजे तक कर दिया गया है। यह आदेश प्री-प्राइमरी से कक्षा-12 तक के सभी राजकीय, परिषदीय, अशासकीय सहायता प्राप्त, निजी मान्यता प्राप्त, सीअीएसई बोर्ड, आइसीएसई सहित अन्य बोर्ड के समस्त विद्यालय पर अगले आदेश तक लागू होगा। बताते चले मौसम विभाग ने प्रदेश में भीषण ठंड और घने कोहरे की चेतावनी पहले ही जारी कर दी थी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वातावरण में नमी की वजह से प्रदूषक तत्व नीचे आ जाते हैं। चूंकि वर्तमान में मौसम की स्थिति मध्यम प्रदूषण वाली है, इसलिए सुबह देर तक धुंध और कोहरा छाया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार ये परिस्थितियां अगले दो से तीन दिनों तक बनी रहने की संभावना है, जिसके परिणामस्वरूप शीत भी बढ़ेगी। इसलिए आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पछुआ हवाओं के चलने के कारण रात में अब ठंड बढ़ गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के लखनऊ आंचलिक कार्यालय के अनुसार वाराणसी में दिसंबर में छह वर्षों बाद अधिकतम तापमान इतना नीचे गिरा है। उधर, घने कोहरे और धुंध से सड़कों पर दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को बेहद धीमी गति से वाहन चलाना पड़ रहा है। इसका बड़ा असर विमान सेवाओं के साथ-साथ रेल यातायात पर दिख रहा है। दिल्ली और मुंबई से आने वाली ट्रेनें देरी से वाराणसी पहुंच रही हैं।

-मौसम विभाग ने शीत दिवस की दी चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग,मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के अनुसार निम्न क्षोभमंडल में व्युत्क्रम परत की उपस्थिति के कारण आई स्थिरता के साथ देश के पश्चिमी एवं सलंग्न मध्य क्षोभ मंडल तक विस्तृत प्रति चक्रवात (एंटी साइक्लोन) तथा उपरी क्षोभमंडल में उत्तर भारत से गुजर रही उष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम के प्रभाव से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में अत्यंत घना कोहरा दर्ज किया गया है। जो दिन में देर तक बना रह रहा है। जिसके चलते पिछले 48 घंटों में अधिकतम तापमान में उतार चढ़ाव हो रहा है। प्रदेश ​के कई हिस्सों में यह सामान्य से नीचे चला गया। बताया गया कि न्यूनतम तापमान में कोई परिवर्तन नही हुआ है। ऐसी मौसमी परिस्थितियां आगामी दो—तीन दिनों तक रह सकती है। मौसम विभाग के अनुसार मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे कम होने पर अधिकतम तापमान का सामान्य से विचलन माइनस 4.5 से माइनस 6.4 डिग्री सेल्सियस हो तो ऐसी स्थिति को कोल्ड डे (शीत दिवस) कहते है। कुछ ऐसा ही मौसम धर्म नगरी वाराणसी में है।

—देर रात ठंड में सड़कों पर ठिठुरते लोगों को हाल जिलाधिकारी ने जाना

वाराणसी में पड़ रही कड़ाके की ठंड को देख जिला​ प्रशासन भी सतर्क है। शहर में ठंड से ठिठुरते लोगों को हाल जानने के लिए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार गुरूवार देर रात सड़कों पर निकले। उन्होंने सिकरौल, परमानंदपुर तथा पांडेयपुर चौराहे पर रैन बसेरा में रह लोगों सहित सड़कों के किनारे, विशेष रूप से पांडेयपुर फ्लाईओवर के नीचे रह रहे लोगों की सुध ली। उन्होंने ठंड के दौरान सड़कों पर लोगों को न रहने के लिए अपील करते हुए कहां की जिनके पास यदि रहने की व्यवस्था न हो, तो अपने नजदीकी रैन बसेरे में रात्रि निवास करें। उन्होंने रैन बसेरे के निरीक्षण के दौरान वहां रह रहे लोगों से भी बात की। मौके पर मौजूद नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि रैनबसेरे में रह रहे लोगों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। स्वच्छ बिस्तर के अलावा सफाई व्यवस्था के साथ ही शौचालय की समुचित व्यवस्था प्रत्येक दशा में सुनिश्चित होनी चाहिए। अलाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित कराए जाने का उन्होंने निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल भी मौजूद रहे।

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(Udaipur Kiran) / श्रीधर त्रिपाठी

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