

गुवाहाटी, 08 दिसंबर (Udaipur Kiran) . कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के बयानों को लेकर पाकिस्तानी मीडिया द्वारा लगातार दी जा रही प्रमुखता ने न केवल Assam में, बल्कि पूरे देश में बहस छेड़ दी है. पाकिस्तानी मीडिया अक्सर संसद में गोगोई द्वारा उठाए गए मुद्दों को अपनी खास कवरेज में जगह दे रही है और उन्हें भारत सरकार के खिलाफ अपने नैरेटिव से जोड़कर प्रस्तुत कर रही है.
पाकिस्तानी समाचार पत्र सहर न्यूज और विजन प्वाइंट ने हाल ही में गौरव गोगोई के बयान को प्रमुखता दी है. वहीं, इसी वर्ष मई माह में पाकिस्तान के बड़े समाचार पत्र डेली जंग एवं उर्दू इस्लाम टाइम्स ने भी गोगोई के बयान को प्रमुखता से प्रकाशित किया था. इसी साल जुलाई में भी गोगोई पाकिस्तानी न्यूज चैनलों के लिए मानो “आंख के तारे” बन गए थे.
संसद सत्र के दौरान ऑपरेशन सिंदूर पर भारत की सफलता पर सवाल उठाते हुए दिए गए उनके बयान को पाकिस्तान के कई मीडिया प्लेटफॉर्मों ने बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया. गोगोई ने उस समय यह भी दावा किया था कि भारत ने युद्ध में पांच राफेल विमान खो दिए – जिसे पाक मीडिया ने विस्तार से प्रसारित किया था.
पाकिस्तानी मीडिया गोगोई के सोशल मीडिया पोस्टों को भी तुरंत उठा लेती है. एसआईआर को लेकर उनके किए गए ट्वीटों को पाकिस्तान के कई चैनलों और पोर्टलों ने लगभग “ओरिजिनल कंटेंट” की तरह इस्तेमाल किया और उसे मोदी सरकार के खिलाफ प्रोपेगेंडा चलाने में लगाया. कुछ पाकिस्तानी नेटिज़नों ने तो यहां तक टिप्पणी की कि मौजूदा संसद सत्र में गोगोई सरकार के अलोकतांत्रिक चरित्र को उजागर कर देंगे.
कूटनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान द्वारा आईएसआई, उसकी मीडिया और विभिन्न माध्यमों के जरिए भारत सरकार को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलोकतांत्रिक साबित करने की यह कोशिश भारत के लिए चिंताजनक हो सकती है. जब भारत वैश्विक पटल पर अपनी छवि को मजबूत कर रहा है, ऐसे समय में पाकिस्तान का यह रवैया दुनियाभर में भारत की छवि को कमजोर करने की मंशा का संकेत देता है.
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(Udaipur Kiran) / श्रीप्रकाश
