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Friday, 30 October 2026
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एचबीटीयू का ‘हेम्प मिल्क’ बनेगा यूपी का बड़ा स्टार्टअप

प्रयोगशाला में शोधार्थी का छायाचित्र

-बड़ी कम्पनियों के साथ मिलकर स्टार्टअप शुरू करने की तैयारी में छात्रा अनन्या श्रीवास्तव

-पारम्परिक नुस्खों और डॉ. एके राठौर के मार्गदर्शन से लैब में तैयार हुआ ओमेगा से भरपूर ‘सुपरफूड

कानपुर, 24 दिसम्बर (Udaipur Kiran) । उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) में पोषण की दुनिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। विश्वविद्यालय की शोध छात्रा अनन्या श्रीवास्तव रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग के डॉ. अश्वनी कुमार राठौर के मार्गदर्शन में ‘हेम्प मिल्क’ पर एक विशेष शोध कर रही हैं। यह उत्पाद न केवल शाकाहारियों के लिए वरदान है, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार की ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ मुहिम को भी मजबूती प्रदान कर रहा है।

परम्परा और तकनीक का संगम

अनन्या बताती हैं कि हेम्प सीड (भांग के बीज) के फायदों के बारे में उन्होंने बचपन में अपनी माँ से सुना था। इसी पारम्परिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान की कसौटी पर कसने के लिए उन्होंने लैब में काम शुरू किया। डॉ. राठौर के दिशा-निर्देशन में अनन्या ने बीजों को भिगोने, उनकी तीन चरणों में मिलिंग करने और पाँच बार छानने की विशेष विधि से यह दूध तैयार किया है।

क्यों खास है हेम्प मिल्क?

जहां आज के समय में ओमेगा-3, ओमेगा-6 और विटामिन-डी की कमी एक वैश्विक समस्या बन गई है, वहीं हेम्प मिल्क इसका एक संपूर्ण समाधान पेश करता है।

हृदय और मस्तिष्क : ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड दिल की बीमारियों को दूर रखते हैं और दिमागी विकास में सहायक हैं।

लैक्टोज फ्री विकल्प : यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिन्हें डेयरी दूध से एलर्जी है।

मजबूत मांसपेशियां : इसमें मौजूद हाई-क्वालिटी प्लांट प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण में मदद करता है।

हड्डियां और त्वचा : विटामिन-डी की मौजूदगी हड्डियों को मजबूती देती है, जबकि इसके तत्व त्वचा और बालों में चमक लाते हैं।

योगी सरकार के विजन के साथ स्टार्टअप की तैयारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार लगातार युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। अनन्या का लक्ष्य केवल लैब तक सीमित रहना नहीं है। उनका कहना है, “यदि भविष्य में कोई बड़ी कम्पनी साथ आती है, तो हम इस शोध को एक बड़े स्टार्टअप के रूप में बाजार में उतारेंगे। डॉ. अश्वनी कुमार राठौर का मानना है कि ऐसे शोध न केवल कुपोषण से लड़ने में मदद करेंगे, बल्कि किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में भी हेम्प की खेती एक नया विकल्प बन सकती है।

पशु आहार के लिए एक उत्कृष्ट विकल्प

हेम्प सीड पशु आहार के लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है, जो प्रोटीन, फाइबर और ओमेगा-3 व छह फैटी एसिड से भरपूर होता है। यह पशुओं के स्वास्थ्य, प्रतिरक्षा क्षमता और उत्पादकता को बढ़ाता है, साथ ही दूध, मांस और अंडों की गुणवत्ता में भी सुधार करता है। इसके टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल गुण इसे किसानों के लिए एक श्रेष्ठ आहार विकल्प बनाते हैं।

(Udaipur Kiran) / रोहित कश्यप

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