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Thursday, 29 October 2026
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अगले दो वर्षों में 500 मेगावाट सोलर पावर से जुड़ेगा हिमाचल: सुक्खू

मुख्यमंत्री सुक्खू

शिमला, 22 दिसंबर (Udaipur Kiran) । मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने मार्च 2026 तक 90 प्रतिशत से अधिक ऊर्जा की आवश्यकता नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान में राज्य की वार्षिक ऊर्जा खपत लगभग 13 हजार मिलियन यूनिट है।

मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार की हरित पहलों के चलते सौर ऊर्जा के उपयोग की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है और अगले दो वर्षों में 500 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है। ‘ग्रीन पंचायत कार्यक्रम’ के तहत राज्य की सभी पंचायतों में 500 किलोवाट क्षमता की ग्राउंड-माउंटेड सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि पहले चरण में 24 ग्राम पंचायतों में 500 किलोवाट की सौर परियोजनाएं स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान की गई है, इनमें से 16 पंचायतों में परियोजनाओं का कार्य आरंभ हो चुका है। इस कार्यक्रम के तहत 150 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से उत्पादित बिजली से अर्जित 20 प्रतिशत राजस्व का उपयोग राज्य सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों के अनाथ बच्चों और विधवाओं को सहायता प्रदान करने के लिए किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ऊना जिला स्थित पेखूबेला सौर ऊर्जा परियोजना ने 15 अप्रैल 2024 को वाणिज्यिक संचालन शुरू किया। अब तक इस परियोजना से 79.03 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ है तथा 22.91 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है। ऊना जिला की अघलौर सौर ऊर्जा परियोजना से 21 मई, 2025 से बिजली उत्पादन शुरू हुआ। इस परियोजना से अब तक 5.89 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया गया है। ऊना जिला की भंजाल सौर ऊर्जा परियोजना ने 30 नवंबर, 2024 को व्यावसायिक संचालन शुरू किया और अब तक 8.57 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन करते हुए 3.10 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में 31 मेगावाट की संयुक्त क्षमता वाली तीन सौर ऊर्जा परियोजनाएं निष्पादन चरण में हैं, जबकि 41 मेगावाट क्षमता वाली चार सौर परियोजनाओं की निविदाएं की गई हैं। इसके अतिरिक्त कांगड़ा जिला के डमटाल क्षेत्र में बंजर भूमि पर 200 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र भी स्थापित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लांगजा, हिक्किम, मुद और कोमिक जैसे दुर्गम गांवों के 148 घरों में कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत सोलर ऑफ-ग्रिड सिस्टम लगाए गए हैं।

इसके अलावा ‘पहले आओ, पहले पाओ’ नीति के तहत 250 किलोवाट से 5 मेगावाट तक की सौर ऊर्जा परियोजनाएं आवंटित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं से उत्पन्न बिजली को हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड द्वारा खरीदा जाएगा।

उन्होंने कहा कि अब तक 547 निवेशकों को 595.97 मेगावाट की क्षमता वाली ग्राउंड-माउंटेड सौर ऊर्जा परियोजनाएं आवंटित की जा चुकी हैं। इनमें से 403.09 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं के लिए विद्युत खरीद समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए जा चुके हैं।

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(Udaipur Kiran) / उज्जवल शर्मा

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