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Thursday, 29 October 2026
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डिजिटल युग में हाथ से लिखा पोस्टकार्ड आत्मीयता और मानवीय जुड़ाव का प्रतीक : आचार्य ललित कुमार अवस्थी

सरदार पटेल विवि के छात्रों के साथ कुलपति।

मंडी, 18 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) । सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी के इतिहास विभाग ने इस वर्ष दीपावली के पावन पर्व पर एक अनूठी और सराहनीय पहल की। विभाग द्वारा पोस्टकार्ड के माध्यम से दीपावली की शुभकामनाएँ विश्वविद्यालय के कुलपति, अधिष्ठाताओं, शिक्षकों, कर्मचारियों, स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों, सगे-संबंधियों एवं मित्रों को प्रेषित की गईं। विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य ललित कुमार अवस्थी ने विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में, जब शुभकामनाएँ केवल क्षणिक संदेशों तक सीमित हो गई हैं, ऐसे में हाथ से लिखा पोस्टकार्ड आत्मीयता, भावनाओं और मानवीय जुड़ाव का सजीव प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि यह पहल भारतीय संवाद परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। कुलपति ने विभाग के शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों में सामाजिक चेतना, सृजनशीलता और मानवीय मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करती हैं।

कार्यक्रम संयोजक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि यह पहल केवल दीपावली शुभकामनाओं तक सीमित नहीं है बल्कि सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती को भी समर्पित है। उन्होंने कहा कि विभाग ने दीपावली पर्व को लौहपुरुष पटेल की जयंती वर्ष की भावना के साथ जोड़कर मनाया जा रहा है जिससे भारतीय संस्कृति, संवाद परंपरा और सामाजिक संवेदना का समन्वय हुआ है।

डॉ. शर्मा ने आगे बताया कि विद्यार्थियों ने स्वयं 500 पोस्टकार्ड शुभकामना संदेश तैयार किए और उन्हें विश्वविद्यालय डाकघर के माध्यम से भेजा। इस प्रक्रिया में विद्यार्थियों ने न केवल रचनात्मकता का परिचय दिया, बल्कि संवाद और संवेदना की भारतीय परंपरा को भी जीवंत किया।

इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण आचार्य राजेश कुमार शर्मा, कार्यक्रम संयोजक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार शर्मा, सहायक आचार्य डॉ. रामपाल व विकेश कुमार, शोधार्थी वेद प्रकाश, राहुल, सुरेखा, इतिहास सोसायटी अध्यक्ष सानू कुमार, सचिव लखविंदर सिंह, मीडिया क्लब अध्यक्ष दीपक दीपांशु सहित विभाग के विद्यार्थी उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय समुदाय और स्थानीय नागरिकों ने इतिहास विभाग की इस पहल को अत्यंत प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि यह प्रयास आधुनिकता के दौर में भी मानवीय संबंधों की गर्माहट बनाए रखने का सुंदर संदेश देता है।

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(Udaipur Kiran) / मुरारी शर्मा

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