श्रीमद् भागवत सप्ताह भक्ति ज्ञान यज्ञ महोत्सव में तीसरे दिन राजा दक्ष का प्रसंग

मुरादाबाद, 13 दिसंबर (Udaipur Kiran) । उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के रामगंगा विहार स्थित सांई गार्डन में श्रीमद् भागवत सप्ताह भक्ति ज्ञान यज्ञ महोत्सव के तीसरे दिन शनिवार को कथाव्यास आचार्य व्योम त्रिपाठी ने राजा दक्ष का यज्ञ, सती प्रसंग व ध्रुव चरित्र सुनाया। ध्रुव चरित्र में भगवान के भक्त की तपस्या से प्रसन्न होकर अटल पदवी देने का वर्णन किया।
आचार्य व्योम त्रिपाठी ने आगे सुनाया कि भगवान शिव की अनुमति लिए बिना उमा अपने पिता दक्ष द्वारा आयोजित यज्ञ में भाग लेने पहुंच गईं। यज्ञ में भगवान शिव का आमंत्रण और उनका भाग न दिए जाने पर कुपित होकर सती ने यज्ञ कुंड में आहुति देकर शरीर त्याग दिया। इससे नाराज शिव के गणों ने राजा दक्ष का यज्ञ विध्वंस कर दिया। ध्रुव कथा प्रसंग में बताया कि सौतेली मां द्वारा अपमानित होकर बालक ध्रुव कठोर तपस्या के लिए जंगल को चल पड़े। बारिश, आंधी-तूफान के बावजूद तपस्या न डिगने पर भगवान प्रगट हुए और उन्हें अटल पदवी दी। ऋषभ देव कथा सुनाते हुए कहा कि वह अपने पुत्रों को गोविंद का भजन करने का उपदेश देकर तपस्या को वन चले गए। जड़ भरत को हिरनी के बच्चे से अत्यंत मोह हो गया। नतीजे में उन्हें मृग योनि में जन्म लेना पड़ा।
इस मौके पर विनोद गुप्ता, मीनू गुप्ता, चिराग गुप्ता, चेरी गुप्ता, डॉ. शशि अरोड़ा, अशोक अरोड़ा, निमित जायसवाल, नलिन गुप्ता, प्राची गुप्ता, संगीता गुप्ता, गिरीश गुप्ता, गीता, ज्योति, संगीता, शालिनी, रेखा आदि उपस्थित रहे।
(Udaipur Kiran) / निमित कुमार जायसवाल



