ठाणे जिले में ईडी और एटीएस की संयुक्त छापामार कार्रवाई जारी

फाईल फोटो: एटीएस

मुंबई, 11 दिसंबर (Udaipur Kiran) . मुंबई से सटे ठाणे जिले के पड़घा इलाके में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और Maharashtra एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) की टीम संयुक्त रुप से गुरुवार को तडक़े से संदिग्ध टेरर फंडिंग के सिलसिले में छापामार कार्रवाई कर रही है. पड़घा इलाके में ईडी और एटीएस की टीम यहां कई घरों में तलाशी ले रही है. लेकिन इस छापामार कार्रवाई की अधिकृत जानकारी नहीं दी गई है. हालांकि बताया जा रहा है कि ईडीऔर एटीएस की टीम ने इस छापेमारी में कई ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ज़ब्त किए गए हैं.

छापामार टीम के एक अधिकारी ने बताया कि गुरुवार सुबह से ही भिवंडी इलाके के पडघा में छापामार कार्रवाई चल रही है . उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई पडघा के बोरीवली गांव में एनआईए द्वारा पहले किए गए कुछ ऑपरेशन पर आधारित है. कई संदिग्धों के घरों की तलाशी ली जा रही है और ईडी संदिग्ध पैसे के लेन-देन के बारे में पूछताछ कर रहा है. इस सिलसिले में टेरर फंडिंग की छानबीन करते हुए बैंक खातों, मोबाइल के जरिये लेन-देन की जांच की जा रही है.

उल्लेखनीय है कि इस साल जून महीने में एटीएस ने ठाणे ग्रामीण पुलिस के साथ मिलकर पडघा के बोरीवली में स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के पूर्व पदाधिकारी साकिब नाचन और प्रतिबंधित संगठन के अन्य संदिग्ध सदस्यों और समर्थकों सहित 22 लोगों के घरों पर बड़े पैमाने पर तलाशी ली थी. अधिकारी ने बताया कि उस समय एटीएस ने 19 मोबाइल फोन और कट्टरपंथ के बारे में आपत्तिजनक सामग्री और दस्तावेज जब्त किए थे.

इसी तरह दो साल पहले भी नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने भी आतंकी गतिविधियों के सिलसिले में पडघा में छापेमारी की थी. उस समय साकिब नाचन को पडघा से गिरफ्तार किया था, जिसकी इस साल जून में दिल्ली के एक अस्पताल में मौत हो गई थी. जांच में पता चला था कि साकिब ने बोरीवली गांव को अलग देश घोषित कर दिया था. उसने इस गांव का नाम अल शाम रखा था. साकिब ने अपना संविधान और अपनी कैबिनेट बनाई थी. जांच में पता चला है कि साकिब स्लीपर सेल बनाने और युवाओं को भडक़ाने में माहिर था.

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(Udaipur Kiran) यादव

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