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Friday, 30 October 2026
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एमएसएमई ने खोले रोजगार के द्वार, दो करोड़ से अधिक युवाओं को मिला सहारा

एमएसएमई सेक्टर

लखनऊ, 04 दिसम्बर (Udaipur Kiran) । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले आठ वर्षों में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़े हैं और युवाओं को प्रशिक्षण और उद्योगों के लिए प्रोत्साहन मिला है। विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। प्रदेश सरकार की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बेरोजगारी दर में आई भारी गिरावट है। जहां एक समय प्रदेश की बेरोजगारी दर 19 प्रतिशत जैसे भारी-भरकम स्तर तक पहुंच गई थी, वहीं अब यह घटकर 2.4 प्रतिशत रह गई है।

प्रदेश सरकार की जीसीसी नीति 2025 ने रोजगार वृद्धि को नया आयाम दिया है। इस नीति के माध्यम से दो लाख से अधिक नई नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। यूपी रोजगार मिशन ने मात्र एक वर्ष में 1.25 लाख लोगों को रोजगार प्रदान कर राज्य में रोजगार सृजन की गति को और अधिक तेज किया है। प्रदेश में इस समय 96 लाख से ज्यादा एमएसएमई इकाइयां संचालित हो रही हैं, जिनसे अब तक 2 करोड़ से अधिक रोजगार के अवसरों का सृजन हो चुका है। केवल पिछले एक वर्ष में ही इस क्षेत्र ने 18 लाख नए रोजगार उपलब्ध कराए हैं। यह सेक्टर सूक्ष्म और लघु उद्यमियों के लिए अवसरों का विशाल प्लेटफॉर्म बन गया है और जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सुदृढ़ आधार भी तैयार कर रहा है।

कौशल विकास मिशन ने युवाओं की क्षमता को मार्केट डिमांड के अनुरूप ढालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य सरकार के प्रवक्ता के अनुसार कौशल मिशन के अंतर्गत 14 लाख युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया जिनमें से 5.66 लाख को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। इससे न केवल उद्योगों को स्किल्ड मैनपावर उपलब्ध हुआ बल्कि बड़ी संख्या में युवाओं को स्थानीय आजीविका के अवसर भी प्राप्त हुए हैं। महिला रोजगार में वृद्धि प्रदेश के सामाजिक परिवर्तन की सबसे प्रभावशाली उपलब्धियों में से एक है। आज औद्योगिक क्षेत्र में महिलाओं की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।

(Udaipur Kiran) / बृजनंदन

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