NDA के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन: जानें महाराष्ट्र और झारखंड से उनका गहरा संबंध
नई दिल्ली, 17 अगस्त (Kiran News) . राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की घोषणा की। चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन वर्ष 2024 से महाराष्ट्र के 24वें राज्यपाल के रूप में कार्यरत हैं और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे हैं। वे कोयंबटूर से दो बार लोकसभा सांसद भी चुने जा चुके हैं। साथ ही, वे तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व भी निभा चुके हैं।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और अनुभव
सीपी राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में हुआ था। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत आरएसएस और जनसंघ से की और 1998 व 1999 में कोयंबटूर से लोकसभा सांसद बने। 2003 से 2006 तक वे तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे।
राज्यपाल के रूप में अनुभव
राधाकृष्णन फरवरी 2023 से जुलाई 2024 तक झारखंड के राज्यपाल रहे। इसके अलावा, मार्च से जुलाई 2024 तक तेलंगाना का अतिरिक्त प्रभार और मार्च से अगस्त 2024 तक पुडुचेरी के उपराज्यपाल का कार्यभार भी संभाला। 31 जुलाई 2024 से वे महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।
सामाजिक अभियान और संसदीय भूमिका
तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष के तौर पर 2004 से 2007 के दौरान सीपी राधाकृष्णन ने 93 दिनों की रथ यात्रा निकाली, जिसका उद्देश्य नदियों को जोड़ना, आतंकवाद के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और अस्पृश्यता का उन्मूलन था। संसद में वे वस्त्र उद्योग पर स्थायी समिति के अध्यक्ष भी रहे और वित्तीय व सार्वजनिक उपक्रमों से जुड़ी विभिन्न समितियों में सक्रिय भूमिका निभाई।
चुनाव और राजनीतिक समीकरण
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है। यदि विपक्ष भी उम्मीदवार उतारता है तो 9 सितंबर को चुनाव होगा। एनडीए को लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचक मंडल में पूर्ण बहुमत प्राप्त है, जिससे जीत की संभावना मजबूत है। उपराष्ट्रपति चुनाव में पार्टी व्हिप लागू नहीं होता, क्योंकि इसमें गुप्त मतदान होता है। इस चुनाव की आवश्यकता पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा देने के बाद पड़ी।



