तमिलनाडु के पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी की जमानत शर्तों में संशोधन की मांग पर ईडी को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट

New Delhi, 14 नवंबर (Udaipur Kiran) . उच्चतम न्यायालय ने कैश फॉर जॉब मामले से जुड़े मनी लांड्रिंग के केस में आरोपित तमिलनाडु के पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी की जमानत की शर्तों में संशोधन करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए ईडी को नोटिस जारी किया है. जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने ईडी को नोटिस जारी करने का आदेश दिया.

सेंथिल बालाजी ने याचिका में कहा है कि उनकी जमानत की शर्तों में संशोधन किया जाए. उच्चतम न्यायालय ने बालाजी को जमानत देते समय Monday और शुक्रवार को सुबह 11 बजे से 12 बजे के बीच चेन्नई में ईडी के डिप्टी डायरेक्टर के यहां उपस्थिति दर्ज कराने का आदेश दिया था. बालाजी इस शर्त में संशोधन चाहते हैं. इसके अलावा हर महीने के पहले Saturday को जांच अधिकारी के भी पेश होने का आदेश दिया गया था.

उच्चतम न्यायालय ने 23 अप्रैल को सेंथिल बालाजी से कहा था कि या तो आप मंत्री पद छोड़ें या आपकी जमानत निरस्त कर दी जाएगी. उच्चतम न्यायालय की इस फटकार के बाद सेंथिल बालाजी ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. कोर्ट ने इस बात पर गौर किया था कि एक मंत्री के रुप में सेंथिल बालाजी ने शिकायतकर्ता पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया. कोर्ट ने कहा था कि जमानत ट्रायल में देरी और लंबे समय तक हिरासत में रहने के आधार पर दी गई थी, मामले के गुण-दोष के आधार पर नहीं.

बालाजी को 14 जून, 2023 को गिरफ्तार किया गया था. 12 अगस्त, 2023 को बालाजी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी. बालाजी के खिलाफ तमिलनाडु राज्य परिवहन विभाग में बस कंडक्टरों की नियुक्ति के साथ-साथ ड्राइवरों और जूनियर इंजीनियरों की नियुक्ति में कथित अनियमितताओं से जुड़ा मामला है. ये सभी नियुक्तियां 2011 और 2015 के बीच सरकार में परिवहन मंत्री के रूप में बालाजी के कार्यकाल के दौरान की गईं.

(Udaipur Kiran) /संजय ———–

(Udaipur Kiran) / सुनीत निगम

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