ज्ञानवापी : सील वजूखाने के ताले पर लगे पुराने कपड़े को बदलने की अर्जी पर अब 06 जनवरी को होगी सुनवाई

वाराणसी, 15 दिसंबर (Udaipur Kiran) । उत्तर प्रदेश के वाराणसी में श्रृंगार गौरी ज्ञानवापी के लंबित केस में सील वजूखाने के ताले पर लगे पुराने कपड़े को बदलने की अर्जी पर सोमवार को जिला जज की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तिथि 06 जनवरी 2026 तय की है।
वादी हिन्दू पक्ष के एक अधिवक्ता मदन मोहन यादव ने बताया कि उच्चतम न्यायालय में पूजा स्थल उपबंध विधेयक- 1991 की चल रही सुनवाई के आलोक में जिला जज वाराणसी ने जिला प्रशासन, वाराणसी के प्रार्थना पत्र को खारिज कर अगली सुनवाई की तिथि 06 जनवरी मुकर्रर की है। उन्होंने बताया कि पूजा स्थल उपबंध विधेयक 1991 के बिंदु पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने अधीनस्थ, निचली अदालतों को 12-12-24 को आदेश देते हुए कहा था कि जब तक इस बिंदु पर सुनवाई उच्चतम न्यायालय में चल रही है तब तक निचली अदालत में कोई भी नया मुकदमा एडमिट नहीं करेंगे और न ही ऐसा कोई भी आदेश नहीं देगी जिससे उच्चतम न्यायालय की सुनवाई प्रभावित हो।
बताते चले वर्ष 2022 में उच्चतम न्यायालय के आदेश पर ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने वाले हिस्से को सील किया गया था। यह वही स्थान है, जहां एएसआई सर्वेक्षण के दौरान शिवलिंग मिलने का दावा किया गया था। उस समय ज्ञानवापी परिसर में कुल नौ ताले लगाए गए थे और क्षेत्र को अर्धसैनिक बलों की सुरक्षा में रखा गया था। लगभग तीन वर्षों बाद जब कपड़ा पुराना होकर खराब हो गया तो अदालत से इसे बदलने की अनुमति मांगी गई। ताकि परिसर की सुरक्षा और स्थिति बरकरार रखी जा सके। कहा गया कि वजुखाने के मुख्य द्वार पर लगा कपड़ा बारिश के पानी और धूप की वजह से एकदम जीर्णशीर्ण हो चुका था। जिला प्रशासन की तरफ से जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत में इसे बदलने के लिए अर्जी दी गईं ।
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(Udaipur Kiran) / श्रीधर त्रिपाठी



