भारतीय पासपोर्ट पर पाकिस्तानी वीजा, विदेशी नागरिक गिरफ्तार
आधार और पैन कार्ड भी बरामद, पुलिस कर रही है पूछताछ
होजाई (असम), 21 अगस्त (Kiran News)। होजाई जिले के डबका मोराझार क्षेत्र में एक विदेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है। इस व्यक्ति के पास भारतीय पासपोर्ट मिला है, जिस पर पाकिस्तान का वीजा लगा हुआ है।

मोराझार में अब्दुल करीम नामक विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। उसका असली नाम अब्दुल कलाम नहीं है। उसने एक मृत व्यक्ति के नाम का इस्तेमाल कर भारतीय नागरिक बनने की कोशिश की, बावजूद इसके वह पकड़ा गया। पुलिस ने उसके पास से भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
पिछले बुधवार को जब वह स्थायी निवास प्रमाण पत्र के लिए मोराझार गांव पंचायत कार्यालय गया, तो उसकी बातचीत के दौरान पंचायत सचिव मुजामिल हक को शक हुआ। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद अब्दुर रौब नामक व्यक्ति को भी पकड़ा गया। मोराझार के हाथीखाली गांव निवासी अब्दुर रौब को उसने अपना पिता बताया था। विदेशी नागरिक ने अब्दुल कलाम (अब्दुर रौब के मृत पुत्र) के नाम पर सारे दस्तावेज अपने नाम पर बनवा लिए थे। दस्तावेज बनाने में मदद करने के आरोप में फखर उद्दीन नामक एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है।
ज्ञात हो कि वर्ष 2010 में मेघालय में अब्दुर रौब के पुत्र अब्दुल कलाम का निधन हो गया था। गिरफ्तार विदेशी नागरिक मृतक अब्दुल कलाम का शव लेकर मोराझार के हाथीखाली गांव पहुंचा था, जिससे उसका परिवार से करीबी संबंध बन गया। इसी दौरान, कुछ परिवारजनों की सहायता से विदेशी नागरिक ने अब्दुल कलाम के नाम पर अपने दस्तावेज बनवा लिए।
पूछताछ में कई अहम तथ्य सामने आए हैं। उसके पासपोर्ट पर पाकिस्तान का वीजा मिला है। वह दिल्ली, वाराणसी और कोलकाता जैसे शहरों में भी गया था। स्थानीय भाषाएं या असमिया-बांग्ला उसे नहीं आती हैं। पुलिस यह जानने में जुटी है कि वह किस देश का नागरिक है और क्या किसी प्रतिबंधित संगठन से जुड़ा हुआ है।
स्थानीय संगठनों और दलों ने पंचायत सचिव मुजामिल हक की जिम्मेदारी की सराहना की है।
इधर, संदेहास्पद व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली है कि वह इलाके के लोगों के घरों में मजदूरी कर शरण लेता था। पुलिस गहन जांच कर रही है। हालांकि, उसका असली नाम और राष्ट्रीयता अब तक औपचारिक रूप से स्पष्ट नहीं हो पाई है।



