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Friday, 30 October 2026
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आपदा सजगता और अनुशासन का सशक्त संगम एन.सी.सी. : बी.पी. द्विवेदी

एनसीसी कैडेट प्रशिक्षण शिविर का छाया चित्र

राज्य आपदा मोचन बल के प्रशिक्षण से कैडेट्स में जगी आपदा सजगता और सेवा-भावना

प्रयागराज, 17 दिसंबर (Udaipur Kiran) । कैडेट्स में आपदा-सजगता, अनुशासन और सेवा-भावना को और अधिक सुदृढ़ किया। यह दिवस निस्संदेह शिविर के उद्देश्य“प्रशिक्षित कैडेट, सुरक्षित समाज” की भावना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ। यह बात बुधवार को प्रयागराज के सैनिक पी.जी.मई हनुमानगंज परिसर में आयोजित 12 दिवसीय एनसीसी प्रशिक्षण शिविर में पहुंचे एन.सी.सी. ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के डिप्टी ग्रुप कमांडर कर्नल बी.पी. द्विवेदी ने कहा।

उन्होंने कहा कि 15 यूपी बटालियन एन.सी.सी., प्रयागराज द्वारा आयोजित 12 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर के पाँचवें दिन बुधवार को अत्यंत प्रेरक, अनुशासित एवं ज्ञानवर्धक वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दिवस की प्रमुख गतिविधि के रूप में राज्य आपदा मोचन बल, उत्तर प्रदेश द्वारा कैडेट्स को आपदा प्रबंधन एवं जीवन-रक्षा के विविध तरीकों का विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

इस अवसर पर प्राकृतिक एवं मानवीय आपदाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रोजेक्टर के माध्यम से विधिवत प्रस्तुत की गईं, जिससे कैडेट्स को आपदाओं की प्रकृति, प्रभाव तथा उनसे निपटने की व्यवहारिक रणनीतियों की स्पष्ट समझ प्राप्त हुई।

इससे पूर्व एन.सी.सी. ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के डिप्टी ग्रुप कमांडर कर्नल बी.पी. द्विवेदी सैनिक पी.जी. कॉलेज, मई देवकली, हनुमानगंज, प्रयागराज के परिसर में एन.सी.सी. ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के निर्देशन में आज के शिविर निरीक्षण के दौरान एन.सी.सी. ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के डिप्टी ग्रुप कमांडर कर्नल बी.पी. द्विवेदी शिविर में उपस्थित हुए। उन्होंने क्वार्टर गार्ड की सलामी ग्रहण कर कैडेट्स के अनुशासन एवं प्रशिक्षण स्तर की सराहना की। इस अवसर पर प्रशिक्षण अधिकारी राजेश्वरी प्रसाद ,कैम्प कमांडेंट कर्नल राहुल दुबे एवं डिप्टी कैम्प कमांडेंट मेजर संतोष जायसवाल ने पधारे निरीक्षण अधिकारी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। तत्पश्चात कैम्प एस.एम. सूबेदार राजेंद्र कुमार के साथ डिप्टी ग्रुप कमांडर महोदय ने कैम्प एरिया का सघन निरीक्षण किया तथा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए आवश्यक अंक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

पाँचवें दिन की गतिविधियों ने कैडेट्स में आपदा-सजगता, अनुशासन और सेवा-भावना को और अधिक सुदृढ़ किया। यह दिवस निस्संदेह शिविर के उद्देश्य—“प्रशिक्षित कैडेट, सुरक्षित समाज” की भावना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।

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(Udaipur Kiran) / रामबहादुर पाल

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