प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर आत्मनिर्भरता और समृद्ध भारत के लिए एकजुट प्रयास का आह्वान किया
नई दिल्ली, 15 अगस्त (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने सामर्थ्य और आत्मनिर्भरता को एक-दूसरे से जोड़ते हुए, विकसित और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए देशवासियों से एकजुट होने की अपील की। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कई नई योजनाओं और मिशनों की घोषणा की, जो देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने दीपावली के अवसर पर ‘नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म’, डेमोग्राफिक मिशन और रक्षा क्षेत्र से जुड़े ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ जैसी बड़ी पहलें घोषित कीं। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी तकनीक आधारित है और जो देश तकनीक में आगे हैं, वही आगे बढ़ रहे हैं। इसी दिशा में भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में तेज़ी से कार्य कर रहा है और साल के अंत तक ‘मेड इन इंडिया’ चिप बाजार में आ जाएगी। ऊर्जा के क्षेत्र में भी भारत सौर, हाइड्रोजन और परमाणु ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के प्रयास कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि दिवाली के अवसर पर लागू होने वाले ‘नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म’ के तहत नागरिकों से जुड़े करों में कमी की जाएगी, जिससे रोजमर्रा की चीज़ें सस्ती होंगी और एमएसएमई सेक्टर को बड़ा लाभ मिलेगा।
उन्होंने ‘नेशनल डीप वॉटर एक्सप्लोरेशन मिशन’ और ‘नेशनल क्रिटिकल मिशन’ की घोषणा भी की, जिनका मकसद समुद्र में तेल और गैस के भंडार, साथ ही 1,200 से अधिक स्थानों पर महत्वपूर्ण खनिजों की खोज करना है। सुरक्षा के लिए ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ की शुरुआत की जाएगी, जिसके तहत अत्याधुनिक हथियार प्रणालियां विकसित होंगी और देश के सामरिक, नागरिक और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए उन्नत तकनीक लगाई जाएगी।
सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर प्रधानमंत्री ने ‘हाई पावर डेमोग्राफी मिशन’ की घोषणा की, जिससे घुसपैठ और जनसंख्या असंतुलन की समस्या का समाधान होगा। सामाजिक क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर विशेष कार्यक्रम आरंभ करने और ‘पिछड़ों को प्राथमिकता’ को विकास का आधार बनाने की बात कही।
प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों, मछुआरों और पशुपालकों के हितों की रक्षा का भरोसा दिलाया और कहा कि किसी भी हानि के प्रयास के सामने वह स्वयं खड़े होंगे। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय शक्ति से जुड़ी है। आत्मनिर्भर बनने के लिए देशवासियों को लगातार जागरूक और प्रतिबद्ध रहना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं से तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को लक्ष्य बनाने का आह्वान किया और कहा कि वर्तमान पीढ़ी समृद्ध भारत के निर्माण में वैसा ही योगदान दे, जैसा पिछली पीढ़ी ने स्वतंत्र भारत के निर्माण में दिया था। उन्होंने उत्पादन के क्षेत्र में ‘कम लागत, ज्यादा गुणवत्ता’ और प्रतिस्पर्धा की क्षमता बढ़ाने पर ज़ोर दिया।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूरे होने पर संगठन को आदरपूर्वक नमन किया और कहा कि आरएसएस ने व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण तक, मातृभूमि के कल्याण के लिए जीवन समर्पित किया है।
स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इससे पूर्व वे राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। लाल किले पहुंचने पर प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और ध्वजारोहण के बाद उन्होंने राष्ट्रगान के साथ सलामी ली। प्रधानमंत्री मोदी लगातार 12 वर्षों तक लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करने वाले दूसरे प्रधानमंत्री बन गए हैं, जो पंडित नेहरू के बाद एक नया रिकॉर्ड है।



