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Thursday, 29 October 2026
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विद्यालय की धुरी हाेते हैं प्रधानाचार्य, उन्हें संवेदनशीलता से कार्य करना होगा : डॉ सौरभ मालवीय

समीक्षा बैठक

-योजनाबद्ध तरीके से किया गया कार्य ही सफलता का मूलमंत्रः डॉ राममनोहर -ज्वाला देवी में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट प्रधानाचार्यों की प्रान्तीय समीक्षा बैठक

प्रयागराज, 30 दिसम्बर (Udaipur Kiran) । शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार, अनुशासन और नवाचार को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से विद्या भारती काशी प्रांत के तत्वावधान में मंगलवार काे ’एक दिवसीय प्रधानाचार्य समीक्षा बैठक’ का आयोजन सिविल लाइंस स्थित ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में किया गया।

बैठक के मुख्य वक्ता एवं मार्गदर्शक क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय ने कहा कि विद्या भारती का लक्ष्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्त और चरित्रवान नागरिकों का निर्माण करना है। प्रधानाचार्य विद्यालय की धुरी होते हैं, उन्हें नेतृत्व क्षमता के साथ-साथ संवेदनशीलता से कार्य करना होगा।

क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री डॉ. राम मनोहर ने संगठन की मजबूती और अनुशासन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योजनाबद्ध तरीके से किया गया कार्य ही सफलता की कुंजी है। बोर्ड परीक्षाओं के दृष्टिगत प्रधानाचार्यों को छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी तैयारी की निरंतर निगरानी करनी चाहिए।

काशी प्रांत के प्रदेश निरीक्षक शेषधर द्विवेदी ने प्रशासनिक बारीकियों और आगामी सत्र की तैयारियों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठकें हमें अपनी कमियों को सुधारने और उपलब्धियों को साझा करने का अवसर प्रदान करती हैं।

विद्यालय के मीडिया प्रभारी सरोज दूबे ने बताया कि बैठक में काशी प्रांत के विभिन्न जनपदों से आए हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने सहभागिता की। बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों की शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा और भविष्य की कार्ययोजना तैयार करना था। उन्हाेंने बताया कि बैठक में ’शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा की तथा प्रधानाचार्यों ने पिछले सत्र के अनुभवों और अब तक पूर्ण किए गए पाठ्यक्रमों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। ’बोर्ड परीक्षा लक्ष्य’ आगामी यूपी बोर्ड और सीबीएसई परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परिणाम सुनिश्चित करने और मेधावी छात्रों की सूची में विद्यालय का नाम दर्ज कराने के लिए विशेष रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ। ’नवाचार और कौशल विकास’ शिक्षा में नई तकनीकों का समावेश और छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए नए प्रयोगों को लागू करने पर बल दिया गया।

बैठक में ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य सहित काशी प्रांत के प्रमुख पदाधिकारी और विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे। बैठक के अंत में सभी ने आगामी परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम देने और शिक्षा के गिरते स्तर को बचाने के लिए संकल्प लिया।

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(Udaipur Kiran) / विद्याकांत मिश्र

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