Skip to content
Wednesday, 28 October 2026
BREAKING
BIHAR

सदर अस्पताल से इलाज के दौरान कैदी फरार, पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर

जांच करती पुलिस

नवादा,15 दिसंबर (Udaipur Kiran) ।नवादा सदर अस्पताल में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब जेल से इलाज के लिए लाए गए एक कैदी के फरार होने की सूचना मिली। फरार कैदी की पहचान नालंदा जिले के रहने वाले प्रहलाद कुमार सोनी के रूप में की गई है। यह घटना पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, प्रहलाद कुमार सोनी को बीते 12 दिसंबर 2025 को बीमारी की हालत में जेल से नवादा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान सोमवार को वह शौचालय जाने के बहाने वार्ड से बाहर निकला। इसी दौरान मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों की नजर से बचकर वह फरार हो गया।

कैदी के फरार होते ही अस्पताल परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया। सबसे चिंताजनक पहलू यह रहा कि इलाज के दौरान कैदी को न तो हथकड़ी लगाई गई थी और न ही उसकी समुचित निगरानी की जा रही थी। बताया जा रहा है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहने के बजाय इधर-उधर मटरगश्ती कर रहे थे। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर कैदी अस्पताल से निकलने में सफल हो गया।

फरार कैदी प्रहलाद कुमार सोनी को पहले पुलिस ने शस्त्र के साथ गिरफ्तार किया था और उसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था। ऐसे में एक गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले कैदी का इस तरह से फरार हो जाना सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है। अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में भी इस घटना को लेकर भय का माहौल देखा गया।

घटना की जानकारी मिलते ही वरीय पुलिस अधिकारी सदर अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। अस्पताल में तैनात पुलिसकर्मियों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। प्रारंभिक जांच में पुलिसकर्मियों की घोर लापरवाही सामने आ रही है।

कैदी की गिरफ्तारी के लिए जिले भर में छापेमारी अभियान शुरू कर दिया गया है। नालंदा और आसपास के जिलों में भी अलर्ट जारी किया गया है, ताकि कैदी को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके। पुलिस का दावा है कि संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही फरार कैदी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इस घटना ने एक बार फिर जेल से इलाज के लिए लाए जाने वाले कैदियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने अस्पताल में सुरक्षा बढ़ाने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि जांच के बाद जिम्मेदार अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई होती है और फरार कैदी को कब तक कानून के शिकंजे में लाया जाता है।

—————

(Udaipur Kiran) / संजय कुमार सुमन

Share

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *