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Friday, 30 October 2026
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उप्र के विभिन्न एक्सप्रेस-वे के लिए अनुपूरक बजट में 1,246 करोड़ का प्रावधान

विधान सभा

-अनुपूरक बजट में प्रस्तावित धनराशि के माध्यम से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को दी जाएगी रफ्तार

लखनऊ, 22 दिसंबर (Udaipur Kiran) । उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने औद्योगिक विकास और वैश्विक कनेक्टिविटी को नई गति देने के लिए जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेस-वे तक प्रवेश-नियंत्रित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए 1,246 करोड़ की धनराशि का प्रावधान सोमवार को विधान सभा में प्रस्तुत अनुपूरक बजट में किया है। इस धनराशि के माध्यम से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।

यह परियोजना उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय निवेश, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विस्तार के वैश्विक मानचित्र पर और मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है। इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के माध्यम से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को सीधे गंगा एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जा रहा है, जिससे माल परिवहन, निर्यात, औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला और यात्री आवागमन को निर्बाध गति मिलेगी। सरकार का मानना है कि यह कॉरिडोर प्रदेश में निवेश आकर्षण, रोजगार सृजन और औद्योगिक क्लस्टर्स के विकास को अभूतपूर्व बढ़ावा देगा।

अनुपूरक बजट में औद्योगिक और अवस्थापना विकास को व्यापक समर्थन देते हुए गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए बीजीएफ के अंतर्गत 1,835 करोड़ तथा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस प्रस्तावित धनराशि के माध्यम से एक्सप्रेसवेज के विकास में आ रही बाधाओं को दूर किया जाएगा। वहीं आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे के 292 किलोमीटर हिस्से में बाईं ओर नए जन सुविधा परिसर एवं वाहन पार्किंग स्थलों के निर्माण के लिए 5 लाख की प्रतीक मांग रखी गई है, जिसे अनुदानों में होने वाली बचत से वहन किया जाएगा।

निवेश प्रोत्साहन के लिए भी धनराशि की व्यवस्था

औद्योगिक निवेश को गति देने के लिए सरकार ने विभिन्न निवेश प्रोत्साहन नीतियों के अंतर्गत भी भारी धनराशि प्रस्तावित की है। त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति 2020 के कार्यान्वयन हेतु 75 करोड़, फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट एवं फॉर्च्यून-500 कंपनियों के निवेश प्रोत्साहन नीति 2023 के तहत 371.69 करोड़, उत्तर प्रदेश ऑक्सीजन उत्पादन प्रोत्साहन नीति 2021 के अंतर्गत 23.03 करोड़ तथा औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 के तहत 823.43 करोड़ की अतिरिक्त आवश्यकता की पूर्ति के लिए धनराशि प्रस्तावित की गई है। इसके अलावा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास नीति 2012 के लिए 100 करोड़ और औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2017 के लिए 300 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

लघु उद्योग और निर्यात प्रोत्साहन के लिए भी मिला बजट

लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन को सुदृढ़ करने के लिए जिला उद्योग केंद्र के अधिष्ठान व्यय के लिए 1.5 करोड़ और उद्योग निदेशालय के अधिष्ठान व्यय के लिए भी 1.5 करोड़ की व्यवस्था की गई है। वहीं हथकरघा क्षेत्र में पीएम मित्र पार्क के संचालन के लिए वृक्ष पातन एवं प्रतिपूरक वृक्षारोपण शुल्क के भुगतान के लिए 85 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

(Udaipur Kiran) / दिलीप शुक्ला

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