“संस्कृत का एक अक्षर बोलकर दिखाएं”: जगद्गुरु रामभद्राचार्य की प्रेमानंद महाराज को खुली चुनौती
मथुरा/वृंदावन, 23 अगस्त (Kiran News)। अपने बेबाक विचारों और विद्वत्ता के लिए प्रसिद्ध जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज को लेकर बड़ा बयान दिया है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आजकल मूर्ख लोग धर्म का ज्ञान देने लगे हैं, जबकि पहले केवल विद्वान जन ही कथावाचन किया करते थे।

रामभद्राचार्य ने प्रेमानंद महाराज को चुनौती देते हुए कहा, “अगर उनमें कोई चमत्कार है, तो वह मेरे सामने संस्कृत का एक अक्षर बोलकर दिखाएं, या मेरे कहे हुए श्लोकों का अर्थ समझा दें।” उन्होंने आगे कहा कि उनके मन में प्रेमानंद महाराज के प्रति कोई द्वेष नहीं है, लेकिन वह उन्हें न विद्वान मानते हैं और न ही चमत्कारी पुरुष।
रामभद्राचार्य ने प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता को क्षणिक बताते हुए कहा कि “भजन करना अलग बात है, लेकिन उसे चमत्कार कहना सही नहीं। चमत्कार वही है जो शास्त्रों पर चर्चा कर सके और श्लोकों का सही अर्थ समझा सके।”
रामभद्राचार्य ने प्रेमानंद महाराज को एक बालक समान बताया और कहा कि वह उनकी विद्वत्ता को लेकर कोई भ्रम नहीं पालते।
उल्लेखनीय है कि संत प्रेमानंद महाराज अपनी सादगी, भक्ति और वृंदावन परिक्रमा के लिए व्यापक चर्चा में रहते हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले 19 वर्षों से उनकी दोनों किडनियां खराब हैं, बावजूद इसके वे प्रतिदिन भक्ति पथ पर सक्रिय रहते हैं। उनकी ख्याति इतनी है कि क्रिकेटर विराट कोहली समेत कई सेलिब्रिटी भी उनका आशीर्वाद लेने पहुंच चुके हैं।
हालांकि रामभद्राचार्य ने यह स्पष्ट किया कि किसी की भक्ति भावना पर प्रश्न नहीं है, लेकिन धार्मिक विद्वता और चमत्कार की परिभाषा शास्त्रों में ही निर्धारित है।



