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Wednesday, 28 October 2026
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आधुनिक भारत के निर्माण में परंपरा, विचार और विज्ञान का संगम आवश्यक : अंकित शुक्ला

आधुनिक भारत के निर्माण में परंपरा, विचार और विज्ञान का संगम आवश्यक : अंकित शुक्ला*
आधुनिक भारत के निर्माण में परंपरा, विचार और विज्ञान का संगम आवश्यक : अंकित शुक्ला*

विद्यार्थी परिषद द्वारा आईटीएम गीडा में आयोजित संगोष्ठी में युवाओं ने जाना डॉ. कलाम का विज़न

गोरखपुर, 16 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के आयाम ‘सविष्कार’ के तत्वाधान में भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर “युवा शक्ति और नवभारत का स्वप्न – कलाम जी की दृष्टि से” विषय पर एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन गुरुवार को आईटीएम, गीडा के परिसर में किया गया , जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री श्री अंकित शुक्ला तथा आई.टी.एम के प्रबंधक एन.के सिंह उपस्थित रहे।

अपने उद्बोधन में अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री अंकित शुक्ला ने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने का स्वप्न तभी साकार होगा जब हम वेदों की ज्ञानधारा, स्वामी विवेकानंद की चेतना और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को अपने जीवन में आत्मसात करेंगे। हमारे वेद केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुशासन और मानवीय मूल्यों के जीवंत स्रोत हैं। विवेकानंद जी ने युवाओं को आत्मविश्वास, राष्ट्रप्रेम और जागरूकता की जो चिंगारी दी थी, वही आज आधुनिक भारत के पुनर्निर्माण की नींव है। और कलाम साहब ने हमें दिखाया कि आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से भारत को विश्व के नेतृत्व में कैसे लाया जा सकता है।

श्री शुक्ला ने युवाओं से आह्वान किया कि वे तकनीकी ज्ञान को भारतीय मूल्यों के साथ जोड़कर नवभारत निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि जब परंपरा और प्रौद्योगिकी एक साथ चलती हैं तो राष्ट्र न केवल विकसित होता है बल्कि विश्व को दिशा देने वाला बनता है।

आई.टी.एम के प्रबंधक एन.के. सिंह ने कहा कि डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने जिस भारत की परिकल्पना की थी — वह केवल आर्थिक रूप से सशक्त राष्ट्र नहीं था, बल्कि एक ऐसा भारत था जहाँ हर युवा में देशभक्ति की भावना और राष्ट्रनिर्माण का संकल्प हो। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र की रीढ़ कहा और उन पर एक विकसित भारत के निर्माण का विश्वास जताया।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उसी सपने को साकार करने के लिए युवाओं में राष्ट्रभक्ति, चरित्र और नेतृत्व की चेतना का संचार कर रहा है। आज का युवा केवल तकनीकी रूप से कुशल नहीं, बल्कि संस्कारित और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित बने यही कलाम जी का सपना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विनय सिंह ने किया।

इस अवसर पर अभाविप गोरखपुर विभाग संयोजक शुभम गोविंद राव, सविष्कार संयोजक भास्कर सिंह तथा संस्थान के प्राध्यापकों और बड़ी संख्या में विद्यार्थि उपस्थित रहे।

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(Udaipur Kiran) / प्रिंस पाण्डेय

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