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Thursday, 29 October 2026
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प्रदेश सरकार ने करुणामूल्क आधार आय सीमा बढ़ाई, क्लास थ्री को भी किया शामिल

मुख्यमंत्री सदन में।

धर्मशाला, 02 दिसंबर (Udaipur Kiran) । धर्मशाला के तपोवन में शीतकालीन सत्र के दौरान मंगलवार को सदन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्ष 2019 में करुणामूलक आधार पर मात्र चतुर्थ श्रेणी को ही रखा जाता था। इसमें अब आय सीमा को बढ़ाया गया है तथा अब क्लास थ्री को भी इसमें शामिल किया गया है। जिसमें आय सीमा अढ़ाई से तीन लाख की गई है, अब पदों को सर्जित कर जल्दी भरा जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने यह जानकारी विधायक दीप राज द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में सदन ने दी। उन्होंने बताया कि पॉलिसी में लगातार बदलाव हुए हैं। उन्होंने कहा कि 1988 का कोई मामला है, अगर वह ओवरएज हो गया होगा तो उसमें अध्ययन किया जाएगा। डेली वेजिज को भी अब करुणामूल्क किए जाने पर विचार रखते हैं। सीएम ने कहा कि हमें उनकी चिंता है, जिनकी आयु अधिक हो गई है, उन्हें पेंशन भी प्रदान की जाती है। इसमें केस के आधार पर अहम फैसले किए जाते हैं। इसमें आय बढ़ाने के बाद विधवा व अनाथ बच्चों को आवेदन करने की सुविधा प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि प्रति परिवार तीन लाख मानी जाएगी। सीएम ने कहा कि पूर्व सरकार की ओर से कुछ नहीं किया गया है, जबकि अब प्रश्न राजनीतिक अधिक बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि रिजेक्टेड केसों पर भी विचार किया जाएगा। विधायक दीप राज द्वारा करुणामूल्क नियुक्तियों संबंधी प्रश्न के जवाब में सुखविंद्र सिंह सुक्खू सदन में बोल रहे थे। विधायक दीपराज ने कहा कि दो हजार 524 मामलों को आय सीमा बढ़ाने के बाद बाहर किया गया है, तो ऐसे में उन्हें सुविधा प्रदान की जाएगा, इस पर सरकार क्या विचार रखती है। इसके बाद आशीष बुटेल ने करुणामूलक आश्रितों के मामले में हुए सुधारो को सराहा और कहा कि पुराने लंबित मामलों को दोबारा आवेदन का मौका मिल पाएगा या नहीं। नयनादेवी के विधायक रणधीर शर्मा ने भी आवेदनों के रिजेक्ट होने पर बात उठाई है। पांवटा साहिब के विधायक ने कहा कि तीन लाख इनकम परिवार या व्यक्ति की रही है। नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि वह शांति के साथ सदन में बैठे थे, ऐसे में सत्तापक्ष व सीएम की ओर से गलत करने पर आवाज उठाते हैं, तो उन्हें बोलना पड़ता है। पूर्व सरकार में सबसे अधिक करुणामूलक को नौकरियां दी गई थी।

वाइल्ड फ्लावर हॉल केस में हिमाचल को मिलने वाला है 300 करोड़ : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वाइल्ड फ्लावर हॉल शिमला का केस जीतकर 300 करोड़ हिमाचल को मिलने वाला है। इस मामले को वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, पी चिदंबरम, एडवोकेट रस्तोगी, अभिषेक मनु सिंघवी सहित अन्य ने कोर्ट में लड़ा है। इसके अलावा जेएसडब्ल्यू मामले में भी 150 करोड़ लाभ होना तय है। उन्होंने बताया कि हिमाचल के हितों के सभी मुद्दों को सुप्रीम कोर्ट में उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2011 सालों से केस चल रहे थे, जिन्हें जोरदार तरीके से कोर्ट में उठाकर हक में जीत दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी फीस का ब्यौरा भी सदन में रख दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने नेता विपक्ष को थोड़ा शांत रहने व अपने स्वभाव के तहत रहने की बात कही। इस पर नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि ओबराय केस पहले से चल रहा था, जबकि उक्त वकील भी दूसरी तरफ से लड़ रहे थे। उन्होंने संसदीय सचिव को लेकर भी खर्चे की बात पूछी है। इससे पहले विधायक विपिन सिंह परमार की ओर से अधिवक्ताओं की नियुक्ति को लेकर पूछे गए सवाल पर सीएम ने सदन में सूचना रखी। इस पर विधायक ने सरकार से सुप्रीम कोर्ट में केस व अधिवक्ताओं, उच्चतम न्यायालय के केस के लिए कितनी राशि प्रदान की गई।

आउटसोर्स व अन्य तरीकों से दिए जा रहे रोजगार

प्रश्नकाल में बोर्ड, निगमों व विभागों में पदपूर्ति को लेकर के प्रश्न पर सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य में आऊट सोर्स व अन्य तरीकों से रोजगार प्रदान किए जा रहें हैं, जिसे लेकर जल्द ही सूचना प्रदान की जाएगी।

गृहरक्षकों के बारे में सरकार गंभीर

धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा के गृह रक्षक के बारे पूछे गए प्रश्न पर मुख्यमंत्री की ओर से 700 पदों को भरने पर सॉफ्टवेयर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया की वित्तीय स्थिति ठीक होने पर 2016 से 2022 के दो हजार सेवानिवृत्त कर्मियों को एरियर की किस्त भी जारी कर दी जाएगी। विधायक रणवीर निक्का ने कहा कि रिटायर हो चुके गृह रक्षक लगातार आर्थिक समसया जूझ रहे हैं। सीएम ने बताया कि गृहरक्षकों के बारे में सरकार गंभीर है। इन्हें लेकर केंद्र की बजाय राज्य सरकार की ओर से अपने स्तर पर ही कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 75 वर्ष के ऊपर के सभी के लिए निर्देश जारी कर दिए गए है, जोकि इसी वित्तीय वर्ष जारी कर दिए जाएंगे।

(Udaipur Kiran) / सतेंद्र धलारिया

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