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Thursday, 29 October 2026
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यूपी सरकार का मछुआरों की खुशहाली और कल्याण पर जोर

अधिकारियों संग बैठक करते हैं कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद
अधिकारियों संग बैठक करते हैं कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद

कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने ली अफसरों की बैठक, दिए निर्देश

लखीमपुर खीरी, 14 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) । उप्र सरकार के कैबिनेट मंत्री, मत्स्य विभाग डॉ. संजय कुमार निषाद अपने निर्धारित भ्रमण कार्यक्रम के अनुसार जनपद लखीमपुर खीरी पहुंचे,उनका स्वागत डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल और एसपी संकल्प शर्मा ने पुष्पगुच्छ देकर किया।

मंत्री ने एलआरपी स्थित लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में डीएम, एसपी, सीडीओ, उपनिदेशक मत्स्य, एलडीएम, सिंचाई तथा अन्य अधिकारियों के साथ मत्स्यपालकों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मत्स्यपालकों की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाए और जिले में संचालित बड़ी परियोजनाओं का डीएम और सीडीओ निरीक्षण करें।

बैठक के दौरान मंत्री ने जोर देकर कहा कि मत्स्यपालक सिर्फ मछली पकड़ते नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। मत्स्यपालकों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए उन्हें केसीसी से जोड़ा जाए, ताकि वे आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बन सकें। इसके साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि मत्स्य विभाग गोष्ठियों और जागरूकता अभियानों के माध्यम से मत्स्यपालकों को योजनाओं के बारे में जानकारी दें।

मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कहा कि मछुआरों की समृद्धि केवल उनकी ही नहीं, बल्कि पूरे गांव और जिले की समृद्धि है। हमें उन्हें हर संभव सुविधा और अवसर देने का प्रयास करना चाहिए।

उपनिदेशक मत्स्य सृष्टि यादव और मत्स्य निरीक्षक निखिल त्रिपाठी को निर्देशित किया गया कि मछुआ दुर्घटना बीमा योजना और मत्स्यपालक कल्याण कोष के अंतर्गत चिकित्सा, शिक्षा और विवाह के लिए मिलने वाली अनुदान योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। हिदायत दी कि योजनाओं का लाभ वास्तविक मत्स्यपालकों तक प्रभावी रूप से पहुंचे।

मंत्री ने अधिकारियों को यह भी बताया कि मत्स्यपालकों को तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि वे आधुनिक मत्स्य पालन विधियों का लाभ उठा सकें और उत्पादन में सुधार कर सकें। हर मत्स्यपालक तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता हो। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

(Udaipur Kiran) / देवनन्दन श्रीवास्तव

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