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Friday, 30 October 2026
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सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति अन्तर-विश्वविद्यालयीय योग विज्ञान केन्द्र की शासी-परिषद् के सदस्य नामित

सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति

— कार्यकाल तीन वर्षों का, संचालन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अधीन

वाराणसी,24 सितम्बर (Udaipur Kiran News) । उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व सौंपा गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने प्रो. शर्मा को अन्तर-विश्वविद्यालयीय योग विज्ञान केन्द्र की शासी-परिषद् (गर्वनिंग कौंसिल) का सदस्य नामित किया है। यह नामांकन देश भर के “चार कुलपतियों” की श्रेणी में किया गया है। इसका कार्यकाल तीन वर्षों का होगा। बुधवार को यह जानकारी विश्वविद्यालय के जनसम्पर्क अधिकारी ने दी। उन्होंने बताया कि अन्तर-विश्वविद्यालयीय योग विज्ञान केन्द्र की स्थापना वर्ष 2018 में की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य ‘योग-शिक्षा’ के ज्ञान-आधार को सुदृढ़ करना तथा यौगिक-विज्ञान के क्षेत्र में नवीन शोध एवं विकास को प्रोत्साहित करना है। इस केन्द्र की ‘शासी-परिषद्’ देश के प्रख्यात विद्वानों, विशेषज्ञों एवं कुलपतियों से गठित होती है, जिसका संचालन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष के अधीन होता है।

उन्होंने कहा कि प्रो. बिहारी लाल शर्मा का यह चयन सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के लिए एक विशिष्ट उपलब्धि है। इससे न केवल विश्वविद्यालय की शैक्षिक एवं शोधगत प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, बल्कि वाराणसी की प्राचीन विद्वत्ता और सांस्कृतिक परम्परा का भी राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव बढ़ेगा।

गौरतलब है कि प्रो. शर्मा संस्कृत, वेद, दर्शन, ज्योतिष शास्त्र एवं भारतीय ज्ञान-परम्परा के विद्वान हैं। उन्होंने अपने शैक्षिक योगदान एवं प्राशासनिक नेतृत्व से न केवल सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय को नई ऊँचाइयाँ प्रदान की हैं, बल्कि भारतीय ज्ञान-परम्परा के वैश्विक प्रसार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

—विश्वविद्यालय परिवार एवं विद्वत समाज ने चयन को गौरवमयी परम्परा बताया

वाराणसी के शैक्षिक एवं सांस्कृतिक जगत् में इस उपलब्धि पर खुशी जताई गई है। विश्वविद्यालय परिवार,विद्वयार्थी एवं विभिन्न विद्वत् समुदायों ने कुलपति प्रो. शर्मा के चयन का स्वागत किया है। सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के वरिष्ठतम आचार्य एवं न्याय शास्त्र के विद्वान् प्रो. रामपूजन पांडेय, विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. जितेन्द्र कुमार, वेद विभागाध्यक्ष प्रो. महेन्द्र पांडेय, पाली के विभागाध्यक्ष प्रो. रमेश प्रसाद सहित अन्य लोगों ने कुलपति प्रो. शर्मा के इस उपलब्धि को इस संस्था के गरिमा को गौरवान्वित करना बताया है।

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(Udaipur Kiran) / श्रीधर त्रिपाठी

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