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Friday, 30 October 2026
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आस्था के दीपों से जगमगाया यमुना तट, नगर पालिका अध्यक्ष ने यमुना मैया की पूजा-अर्चना कर किया दीपदान

दीपों को जगमगाते हुए नगर पालिका अध्यक्ष अनूप गुप्ता

औरैया, 19 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) । छोटी दीपावली (नरक चतुर्दशी) के पावन अवसर पर रविवार की शाम यमुना तट श्रद्धा और आस्था के दीपों से जगमगा उठा। एक विचित्र पहल सेवा समिति उत्तर प्रदेश के औरैया जिले द्वारा इस अवसर पर भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष अनूप कुमार गुप्ता ने किया। उन्होंने यमुना तट पर पहुँचकर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के प्रतीक परम तेजस्वी सूर्यपुत्री यमुना मैया की पूजा-अर्चना की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि व जनकल्याण की कामना करते हुए दीपदान किया।

दीपोत्सव के दौरान पूरा तट दीपों की मनमोहक रोशनी से आलोकित हो उठा। यमुना तट पर गूंजते भजनों और मंत्रोच्चार ने पूरे वातावरण को दिव्यता और भक्ति से परिपूर्ण कर दिया। समिति के सदस्यों ने सैकड़ों दीप प्रज्वलित कर यमुना मैया को समर्पित किए। दीपदान के उपरांत समिति की ओर से यमुना तट पर स्थित अंत्येष्टि स्थलों की दैनिक सफाई करने वाले कर्मी रज्जन बाल्मीकि व रामप्रसाद को सम्मान स्वरूप मिष्ठान और आर्थिक सहयोग भेंट किया गया।

समिति के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) ने कहा कि दीपावली रोशनी और उल्लास का पर्व है, और इस दिन यमुना तट पर दीप प्रज्ज्वलित करना आत्मिक शांति और संतोष का अनुभव देता है। उन्होंने बताया कि जब सभी लोग अपने घरों में दीप जलाकर खुशियाँ मना रहे थे, तब समिति के सदस्य यमुना मैया के चरणों में दीप अर्पित कर उनके आशीर्वाद के पात्र बने।

समिति के संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि भारतीय परंपरा में नदियों और सरोवरों में दीपदान को अत्यंत शुभ माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन नदी या तीर्थ स्थल पर दीप जलाने से अदृश्य पुण्य आत्माएँ प्रसन्न होती हैं और यज्ञ, तीर्थ तथा दान के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि इस कर्म से दरिद्रता और संकटों का नाश होता है तथा जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

दीपदान के उपरांत समिति के सदस्यों ने देवकली मंदिर के समीप स्थित शहीद स्मारक पर वीर सपूतों को नमन करते हुए दीप जलाए। इसके साथ ही शहर के प्रमुख सुभाष चौराहा और जेसीज चौराहा पर भी दीपोत्सव मनाया गया। पूरा नगर दीपों की सुनहरी रोशनी से जगमगाता नजर आया, जिससे दीपावली का उल्लास चरम पर पहुंच गया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर समिति के संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता ने पर्यावरण संरक्षण की अपील करते हुए कहा कि तेज आवाज और प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों से परहेज़ करें। उन्होंने कहा कि प्रदूषण से न केवल वातावरण दूषित होता है, बल्कि इससे बच्चों, बुजुर्गों और पशु-पक्षियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने लोगों से “हरित दीपावली” मनाने की अपील की ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाया जा सके।

इस पवित्र अवसर पर अखिल भारतीय पुरवार पोरवाल महासभा के जिलाध्यक्ष समाजसेवी शिवकुमार पुरवार, श्री गोपाल सेवा संस्थान के प्रांतीय अध्यक्ष रमन पोरवाल, समाजसेवी एल.एन. गुप्ता, सभासद विजय तोमर, आलोक पाठक, सोनू, सुधीर कुमार, कोमल सिंह, रज्जन वाल्मीकि, अजय वाल्मीकि, रामप्रसाद, हिमांशु दुबे सहित समिति के कई सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे।

भक्ति, पर्यावरण जागरूकता और सामाजिक संवेदना का अद्भुत संगम बना यह दीपोत्सव कार्यक्रम स्थानीय लोगों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया। यमुना तट पर जगमगाते दीपों के साथ लोगों ने मिलकर आस्था, संस्कृति और स्वच्छता का संदेश दिया — “जहाँ दीप जलें, वहाँ अंधकार मिटे ।

(Udaipur Kiran) कुमार

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(Udaipur Kiran) कुमार

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