चंडीगढ़, 24 सितम्बर (Udaipur Kiran News). Indian वायुसेना का ऐतिहासिक मिकोयान ग्युरेविच (मिग-21) लड़ाकू विमान 26 सितम्बर को अपने पहले घर चंडीगढ़ से अंतिम विदाई उड़ान भरेगा. यह क्षण बेहद भावुक होगा, क्योंकि मिग-21 ने पिछले छह दशकों तक देश की हवाई सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
बुधवार को विदाई समारोह की फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित की गई, जिसमें मिग का भव्य स्वागत किया गया. इस दौरान सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम ने आसमान में शानदार करतब दिखाए, वहीं पैंथर और जैगुवार विमानों ने भी अद्भुत कौशल का प्रदर्शन किया.
वायुसेना अधिकारियों ने बताया कि मिग-21 को सबसे पहले 12 विंग एयर बेस चंडीगढ़ में शामिल किया गया था, जिसे इसका पहला घर माना जाता है. अब 26 सितम्बर को यही एयर बेस इस विमान की आखिरी उड़ान का गवाह बनेगा. यह ऐतिहासिक उड़ान इसलिए भी खास होगी, क्योंकि यहीं मिग-21 की पहली स्क्वॉड्रन स्थापित हुई थी.
मिग-21 के विदाई समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि होंगे. साथ ही वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, महिला फाइटर पायलट स्क्वाड्रन लीडर प्रिया शर्मा, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी सहित कई वरिष्ठ रक्षा विशेषज्ञ और अधिकारी शामिल होंगे.
मिग-21 की विदाई उड़ान के दौरान पायलट अपने अनुभवों को फीडबैक रिपोर्ट के रूप में दर्ज करेंगे, जिन्हें वायुसेना स्मृति स्वरूप संरक्षित करेगी. रिहर्सल में सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम ने एक बार फिर अपनी सटीकता, टीमवर्क और कौशल से आसमान को रोशन कर दिया. यह टीम Indian वायुसेना की शान और उसका अद्वितीय राजदूत मानी जाती है.