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Wednesday, 28 October 2026
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सभी सनातन धर्मियों को आसुरी शक्तियों से लड़ने के लिए एकजुट होना होगा : रामभद्राचार्य

कथा का रसास्वादन करते भक्त गण
स्वामी रामभद्रचार्य

सुलतानपुर, 14 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) । उत्तर प्रदेश के जिला सुलतानपुर में पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य ने अवध और अवधी भाषा के प्रति अपना प्रेम व्यक्त करते हुए इसे अपनी और अपने आराध्य की जन्मभूमि बताया। स्वामी जी ने सभी सनातनियों को मस्तक पर तिलक लगाने की सलाह दी और इसके अनेक फायदे बताए। उन्होंने कहा कि तिलक के बिना ब्राह्मण यमराज जैसा दिखता है और सभी सनातन धर्मियों को आसुरी शक्तियों से लड़ने के लिए एकजुट होना चाहिए। उन्होंने एक सूक्ति का भी उल्लेख किया, जिसमें बताया गया है कि तांबूल के बिना राजा, तिलक के बिना ब्राह्मण, व्याकरण के बिना वाणी और नमक के बिना भोजन अच्छा नहीं लगता।

विजेथुआ महावीरन धाम में चल रही वाल्मीकि रामायण कथा के पांचवें दिन मंगलवार की शाम कथा सुनने के लिए भक्तो की भीड़ उमड़ पड़ी। स्वामी जी ने संतों के गांव छोड़ने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में भाग न लेने वालों को मंदिर का ट्रस्टी बनाए जाने पर भी सवाल उठाए। यह एक अजीब विडंबना है कि जिन लोगों ने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में एक बार भी हिस्सा नहीं लिया, उन्हें ही मंदिर का ट्रस्टी बना दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि संतों द्वारा गांवों को छोड़ देने से उनका बड़ा दुरुपयोग हुआ है।

कथा के दौरान, उन्होंने विश्वामित्र द्वारा दशरथ से यज्ञ में बाधा डाल रहे राक्षसों का वध करने के लिए राम को मांगने का प्रसंग सुनाया। दशरथ के शुरुआती इनकार के बाद, वशिष्ठ के समझाने पर राम को विश्वामित्र के साथ भेजा गया। विश्वामित्र ने राम को बला-अतिबला विद्या प्रदान की, जिसके बाद राम ने सबसे पहले ताटका का वध किया।

कार्यक्रम के आयोजक विवेक तिवारी ने अपनी पत्नी के साथ व्यासपीठ का पूजन किया। इस अवसर पर स्वीडन और लातविया में भारत के राजदूत राकेश तिवारी, विधायक राजेश कुमार गौतम, विधान परिषद सदस्य शैलेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व विधायक संतोष पांडेय, डॉ. सीताशरण त्रिपाठी, डॉ. श्रवण मिश्र, चेयरमैन आनंद जायसवाल, रामार्य पाठक, हाईकोर्ट अधिवक्ता राजेश तिवारी, ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह रवि, डॉ. सुरेंद्र प्रताप तिवारी, रितेश दुबे, महेंद्र मिश्र, सर्वेश मिश्र, जगदंबा उपाध्याय, विजयधर मिश्र, अंबरीश मिश्र, आलोक सिंह, शीलेश बरनवाल, दीपक सिंह, अरविंद पांडेय, रितेश उपाध्याय, कृष्णा चौबे, अजय उपाध्याय, हरिश्चंद्र श्रीवास्तव, इंद्रजीत वर्मा, पंकज गुप्ता, चौथीराम गौतम, सत्यप्रकाश यादव, सत्यम तिवारी, हिमांशु तिवारी, अंशुमान तिवारी, मनीष तिवारी रामू, श्यामू, अभिषेक पांडेय, अनुभव पांडेय, अंकुर तिवारी, अंकुश पांडेय, अंकित गुप्ता और अनुराग मिश्रा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

(Udaipur Kiran) / दयाशंकर गुप्त

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