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Thursday, 29 October 2026
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शस्त्र लाइसेंस वरासत मामलों में बड़ी सफलता, चालू वर्ष में 174 प्रकरणों का निस्तारण : जिलाधिकारी

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की फ़ाइल फोटो

कानपुर, 23 दिसम्बर (Udaipur Kiran) । जनपद में शस्त्र लाइसेंस की वरासत से जुड़े मामलों में इस वर्ष बड़ी प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2022, 2023 और 2024 में जहां एक भी वरासत शस्त्र लाइसेंस जारी नहीं हो सका था, वहीं चालू वर्ष में अब तक 174 प्रकरणों का निस्तारण कर लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। इससे वर्षों से लम्बित मामलों में प्रतीक्षारत परिवारों को राहत मिली है। यह जानकारी मंगलवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने दी।

इस वर्ष की शुरुआत में जनता दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे आवेदक जिलाधिकारी के समक्ष पहुंचे थे, जो अपने परिजनों के निधन के बाद उनकी स्मृतियों और पारिवारिक धरोहर को संरक्षित रखने के उद्देश्य से शस्त्र लाइसेंस की वरासत की मांग कर रहे थे। कई प्रकरण वर्षों से लम्बित थे और आवेदक बार-बार कार्यालयों के चक्कर काट चुके थे। डीएम ने इन प्रकरणों को संवेदनशीलता के साथ संज्ञान में लिया गया और नियमानुसार समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।

सभी लम्बित आवेदनों की क्रमवार समीक्षा कर दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया और वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाइसेंस जारी किए गए। इन 174 प्रकरणों में रिवाल्वर एवं पिस्टल के 91, डीबीबीएल व एसबीबीएल गन के 57 तथा एनपी बोर राइफल के 26 मामले शामिल हैं। वरासत के स्वरूप की बात करें तो पिता की शस्त्र विरासत पुत्र एवं पुत्री को 128 प्रकरणों में, बाबा की विरासत पौत्र को 16 प्रकरणों में, पति की विरासत पत्नी को 24 प्रकरणों में, ससुर की विरासत बहू को तीन प्रकरणों में तथा भाई की विरासत भाई को तीन प्रकरणों में हस्तांतरित की गई।

वहीं वरासत लाइसेंस प्राप्त करने वाले विवेक पाठक ने बताया कि पिता के निधन के बाद उनका आवेदन लंबे समय से लम्बित था और कई प्रयासों के बावजूद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही थी, लेकिन इस वर्ष दस्तावेजों की जांच के बाद लाइसेंस जारी हो गया। एक अन्य लाभार्थी प्रीति सिंह, जिन्हें पति की वरासत में लाइसेंस मिला, ने कहा कि स्पष्ट प्रक्रिया और समयबद्ध निर्णय से उन्हें बड़ी राहत मिली। अधिकारियों के अनुसार इस पहल से न केवल लम्बित मामलों का समाधान हुआ है, बल्कि शस्त्र लाइसेंस वरासत की प्रक्रिया में विश्वास और संवेदनशील प्रशासन की छवि भी सुदृढ़ हुई है।

जिलाधिकारी ने कहा शासन की प्राथमिकता है कि नागरिकों से जुड़ी वैधानिक प्रक्रियाएं अनावश्यक रूप से लम्बित न रहें। जनता दर्शन में आए कई आवेदक अपने प्रियजनों की स्मृतियों से जुड़ी धरोहर को सुरक्षित रखने की भावना के साथ सामने आए थे और प्रशासन ने नियमों के दायरे में रहते हुए उनकी भावनाओं का सम्मान किया। आगे भी सभी वैध प्रकरणों का पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।

डेटा बॉक्स शस्त्र लाइसेंस वरासत : कानपुर नगर

वर्षवार स्थिति

2022 : 0

2023 : 0

2024 : 0

2025 (अब तक) : 174

श्रेणीवार शस्त्र

रिवाल्वर / पिस्टल : 91

डीबीबीएल / एसबीबीएल गन : 57

एनपी बोर राइफल : 26

रिश्ते के आधार पर वरासत

पिता → पुत्र – पुत्री : 128

बाबा → पौत्र : 16

पति → पत्नी : 24

ससुर → बहू : 3

भाई → भाई : 3

(Udaipur Kiran) / रोहित कश्यप

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